हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय आयोजन

हरिद्वार के हरिपुर कला गली संख्या ६ स्थित भारत माता जनहित ट्रस्ट में परम पूज्य चैतन्य महाप्रभु जी के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य एवं भक्तिमय आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है। कथा श्रवण करने हेतु दूर-दूर से पधारे श्रद्धालुजन भगवान की अमृतमयी वाणी का रसपान कर अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ बना रहे हैं। कथा स्थल पर प्रतिदिन भक्ति, श्रद्धा और हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।कथा के मुख्य यजमान श्रद्धेय सुमन दत्त शर्मा जी हैं, जिनके सान्निध्य में यह पुण्यमयी आयोजन भव्य रूप से संपन्न हो रहा है। कथा के दौरान परम पूज्य चैतन्य महाप्रभु जी ने श्रीमद्भागवत के अनेक सुंदर प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा जैसे निर्धन भक्त को केवल प्रेम और भक्ति के कारण अपना लिया, उसी प्रकार जो भी श्रद्धा और निष्काम भाव से प्रभु का स्मरण करता है, भगवान उसके जीवन में सुख, शांति और कृपा की वर्षा अवश्य करते हैं।उन्होंने सुंदर दृष्टांत देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की ओर ले जाने वाला दिव्य प्रकाश है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का उदय होता है तथा जीवन में नई आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है।इस पावन अवसर पर अनेक संत-महात्मा, गणमान्यजन एवं श्रद्धालुजन उपस्थित होकर कथा का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों के साथ वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।


