गुरु के दिव्य वचनों से ही मानव जीवन होता है सार्थक महामंडलेश्वर संजय गिरी महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद सद्गुरु आश्रम, कांगड़ी (हरिद्वार) में आयोजित सत्संग सभा में श्रद्धालुओ के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री संजय गिरी महाराज ने कहा कि गुरुजनों के श्रीमुख से निकले दिव्य, पावन एवं कल्याणकारी वचन ही मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्धार करने की सामर्थ्य रखते हैं। उन्होंने कहा कि कलियुग में गुरु ही मानव के सच्चे पथप्रदर्शक हैं, जो अज्ञानरूपी अंधकार को दूर कर धर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। गुरु का सान्निध्य और उनका मार्गदर्शन मनुष्य जीवन को सार्थक, सफल एवं मंगलमय बना देता है। महामंडलेश्वर जी ने कहा कि गुरु की कृपा से ही आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है और जीव जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त होकर ईश्वर की भक्ति में लीन होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के उपदेशों को जीवन में धारण कर सत्य, सेवा, सदाचार और परोपकार का मार्ग अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा—”गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”अर्थात गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश हैं; गुरु ही साक्षात् परब्रह्म स्वरूप हैं। ऐसे सद्गुरु को बारंबार प्रणाम है।सत्संग के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में वंदन कर उनके आशीर्वाद प्राप्त किए तथा संपूर्ण वातावरण गुरु-भक्ति और हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय हो उठा।

Related Articles

Back to top button