गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा सनातन धर्म की अलख जगाने में अग्रणी, देश-विदेश तक लहरा रही धर्मध्वजा हरिद्वार

हरिद्वार, वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद। भारतीय सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और धर्म जागरण के पावन संकल्प के साथ गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा निरंतर समाज में धार्मिक चेतना का प्रकाश फैला रहा है। अखाड़े के अध्यक्ष संजीवन नाथ महाराज के नेतृत्व में संत, महंत एवं महामंडलेश्वर भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारतीय संस्कृति, योग, अध्यात्म और सनातन धर्म का संदेश जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।संजीवन नाथ महाराज का कहना है कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग है। गुरु श्री गोरखनाथ की तपोभूमि और नाथ परंपरा की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना ही अखाड़े का प्रमुख उद्देश्य है। इसी भावना के साथ अखाड़ा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, सत्संगों, यज्ञों, आध्यात्मिक प्रवचनों तथा सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों और धार्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहा है। गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़े के संत महापुरुष और महामंडलेश्वर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का गौरव बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयासों से अनेक लोग भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक जीवन शैली से जुड़ रहे हैं। अखाड़े द्वारा समय-समय पर आयोजित धार्मिक यात्राएँ, संत सम्मेलन, कथा, भंडारे एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों का संदेश दे रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा वर्तमान समय में सनातन धर्म की धर्मध्वजा को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करते हुए राष्ट्र एवं संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहा है। सनातन संस्कृति के संरक्षण और विश्वभर में उसके प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा आज धर्म, अध्यात्म, सेवा और राष्ट्रभावना का एक सशक्त केंद्र बनकर निरंतर आगे बढ़ रहा है।


