जानकी आश्रम में श्रीराम-जानकी महिमा का अमृतपान कर भावविभोर हुए श्रद्धालु हरिद्वार

हरिद्वार, वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद। भूपतवाला स्थित श्री जानकी आश्रम में आयोजित भव्य सत्संग में परम पूज्य स्वामी हरिदास महाराज ने अपने श्रीमुख से भगवान श्रीराम एवं जगज्जननी माता जानकी की दिव्य महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि श्रीराम का चरित्र समस्त मानवता के लिए आदर्श जीवन का प्रकाशपुंज है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अपने संपूर्ण जीवन से सत्य, धर्म, करुणा, त्याग और लोककल्याण का संदेश दिया, वहीं माता जानकी ने अपने तप, त्याग, धैर्य एवं पतिव्रत धर्म से नारी शक्ति के सर्वोच्च आदर्श को स्थापित किया। स्वामी हरिदास महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम की निष्काम एवं अनन्य भक्ति ही कलियुग में जीव के कल्याण का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग है। जब साधक पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और समर्पण के साथ प्रभु के श्रीचरणों का आश्रय ग्रहण करता है, तब उसके अंतःकरण के समस्त विकार समाप्त होकर जीवन प्रभु कृपा से आलोकित हो जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम नाम का प्रत्येक उच्चारण मनुष्य के पापों का नाश कर उसे धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवारों में श्रीरामचरितमानस का नियमित पाठ, प्रभु नाम का संकीर्तन तथा सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। उन्होंने कहा कि जिस घर में श्रीराम नाम का स्मरण और माता जानकी का आदर होता है, वहां सदैव सुख, शांति, समृद्धि और ईश्वर की कृपा का वास रहता है।धर्मसभा के दौरान आश्रम परिसर श्रीराम-जानकी के जयघोष, भजन-कीर्तन एवं भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। बड़ी संख्या में संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने सत्संग का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विश्व कल्याण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं मानव मात्र के मंगल की कामना के साथ सामूहिक प्रार्थना की गई तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।


