सत्संग ही कलियुग में मानव जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम साधन : श्रीमहंत, स्वामी योगेश्वरानंद महाराज हरिद्वार

हरिद्वार, संवाददाता वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद।   भूपतवाला, सप्त सरोवर गीता कुटीर रोड हरिद्वार स्थित दीप्ति कुटी के श्री महंत भव्य सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम में श्रीमहंत स्वामी योगेश्वरानंद महाराज ने कहा कि भक्ति और ज्ञान का सागर अनंत है तथा सत्संग सत्य का वह पावन मार्ग है, जो मनुष्य को सीधे भगवान श्रीहरि के श्रीचरणों तक पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि भक्ति, योग और कठोर साधना बड़े-बड़े संत, महात्मा, तपस्वी एवं ऋषि-मुनि करते हैं, किंतु एक सामान्य गृहस्थ और साधक के लिए श्रद्धा एवं विश्वास के साथ किया गया सत्संग ही जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम माध्यम है।उन्होंने कहा कि कलियुग में मनुष्य को कठिन तपस्या और दुष्कर साधनाओं की अपेक्षा भगवान के नाम का स्मरण, सत्संग का श्रवण तथा सत्कर्मों का पालन करना चाहिए। कुछ समय का सच्चा सत्संग भी मनुष्य के जीवन को नई दिशा प्रदान कर उसे आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर कर सकता है।श्रीमहंत ने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में धर्म, सेवा, सदाचार और प्रभु भक्ति को अपनाकर मानव जीवन को सार्थक बनाएं। उन्होंने कहा कि सत्संग से मन की अशांति दूर होती है, आत्मबल बढ़ता है तथा भगवान श्रीहरि की कृपा सहज ही प्राप्त होती है। प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव से सत्संग का श्रवण किया तथा भगवान के नाम का संकीर्तन कर आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया वैकुंठ नगर डलहौजी हिमाचल प्रदेश मैं गुरुदेव ने ज्ञान की अमृत वर्षा कर भक्तजनों को कल्याण का मार्ग प्रदान किया

Related Articles

Back to top button