छप्पन भोग लगाकर भगवान की भक्ति तथा प्रेम का आनंद ले रहे हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद भूपतवाला सप्तसरोवर रोड स्थित पंचायतन सालासर हनुमान मंदिर में प्रातः स्मरणीय परमसाधक गौरव शास्त्री जी महाराज, श्रीधाम वृंदावन के श्रीमुख से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भक्तजन भक्ति रस में सराबोर हो उठे। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया गया। साथ ही छप्पन भोग महोत्सव का भव्य आयोजन कर ठाकुर जी को विविध प्रकार के व्यंजन अर्पित किए गए।कथा व्यास गौरव शास्त्री जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जीव को धर्म, प्रेम, करुणा और समर्पण का संदेश देने वाली हैं। पंचम दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिय नाग दमन, गोप-गोपियों पर कृपा तथा भक्तों की रक्षा के दिव्य प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया गया कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का स्मरण करता है, उसके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।इस अवसर पर महाराज श्री ने एक भावपूर्ण दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि जैसे अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, एक दीपक उसे दूर कर देता है, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन में व्याप्त अज्ञान, मोह और दुःख को समाप्त कर भक्ति का प्रकाश फैलाती है। उन्होंने कहा कि भगवान के चरणों में समर्पण ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।कथा का आयोजन महालक्ष्मी महिला मंडल, खंडवा (मध्य प्रदेश) द्वारा कराया जा रहा है। इस अवसर पर श्री योगेश गुप्ता, श्रीमती शकुंतला झवर, श्रीमती सुनंदा ढाके, श्रीमती सीमा कराये, श्रीमती लक्ष्मी चौधरी, श्रीमती पुष्पा अग्रवाल, श्रीमती मालती बरोले, अपर्णा अत्रे, ललिता चोरे, पदमा अग्रवाल, राम पटेल, निर्मला चंद्रे, बबीता अत्रे सहित महिला मंडल की अनेक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बना रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण बना हुआ है।





