श्रीराम आश्रम के पाटोत्सव महोत्सव में संत वचनों की कीअमृतवर्षा, भक्तिभाव से गुंजायमान हुआ आश्रम परिसरश्रीराम आश्रम, हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद भूपतवाला में आयोजित पाटोत्सव महोत्सव परम पूज्य, प्रातःस्मरणीय गुरु भगवन् महामण्डलेश्वर श्री श्री १००८ रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य तथा संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति में बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर आश्रम परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण दिखाई दिया।इस शुभ अवसर पर महामण्डलेश्वर पूज्य श्री श्री १००८ रामदास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, त्याग, करुणा और धर्ममय जीवन की अनन्त महिमा का वर्णन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सम्पूर्ण मानव समाज के लिए अनुकरणीय आदर्श है और उनके सिद्धांतों का अनुसरण ही जीवन का वास्तविक कल्याण है।प्रातःस्मरणीय पूज्य स्वामी माधव दास पुजारी जी महाराज ने गुरु-भक्ति, साधना और धर्मपालन की महत्ता पर अपने दिव्य विचार प्रकट किए। महन्त रामानुज दास महाराज ने संत परम्परा की गौरवमयी धरोहर एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।महन्त दुर्गादास जी महाराज ने सेवा, समर्पण और धर्मनिष्ठा को जीवन का मूलाधार बताते हुए भक्तों को प्रेरितकियामहन्तराजकुमारदास जी महाराज ने सत्संग, भजन और नामस्मरण की महिमा का वर्णन कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना के प्रति जागृत किया। महन्त हरिदास जी महाराज ने अपने पावन उद्बोधन द्वारा उपस्थित जनसमूह को धर्म, भक्ति और साधना के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश दिया।इस पावन पटोत्सव महोत्सव में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत-महापुरुषों की अमृतमयी वाणी का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य माना तथा गुरुचरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा, भक्ति, गुरु-महिमा और सनातन संस्कृति की दिव्य गरिमा का अनुपम संगम बनकर अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।



