शिव सदन आश्रम में श्रीमद्भागवत सप्ताह का शुभारंभ, कथा अमृत से भक्तजन हुए भावविभोर हरिद्वार


हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध शिव सदन आश्रम में परम पूज्य, प्रातः स्मरणीय श्री विजय दास जी महाराज के श्रीमुख से आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर गुजरात से पधारे यजमान मधुबेन एवं इंदुभाई पटेल के सान्निध्य में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा अमृत का रसपान कर अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बनाया। गुजरात के विभिन्न नगरों एवं क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर संपूर्ण श्रद्धा एवं भक्ति भाव से कथा श्रवण कर रहे हैं। आश्रम परिसर में भजन, संकीर्तन एवं भगवान के जयघोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है। कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि सनातन संस्कृति एवं भागवत भक्ति के प्रति जनमानस की आस्था आज भी अटूट बनी हुई है। कथा व्यास पूज्य श्री विजय दास जी महाराज ने अपने अमृतमय प्रवचनों में श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठाकर भगवान की भक्ति से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि जिस हृदय में भगवान के नाम का वास हो जाता है, वहां दुःख, भय और निराशा का कोई स्थान नहीं रहता। प्रथम दिवस पर महाराज श्री ने एक अत्यंत प्रेरणादायक दृष्टांत सुनाते हुए बताया कि एक व्यक्ति अंधेरी रात में मार्ग भटक गया। अनेक प्रयासों के बाद भी उसे रास्ता दिखाई नहीं दिया, किंतु जैसे ही एक छोटा सा दीपक उसके हाथ में आया, उसका मार्ग स्पष्ट हो गया। महाराज श्री ने समझाया कि यह दीपक सत्संग, संतों का सान्निध्य और श्रीमद्भागवत कथा का प्रतीक है। जिस प्रकार दीपक अंधकार को समाप्त कर देता है, उसी प्रकार भगवान की कथा मनुष्य के जीवन से अज्ञान, भ्रम और दुखों के अंधकार को दूर कर आत्मज्ञान का प्रकाश फैलाती है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका वास्तविक उद्देश्य प्रभु भक्ति, सत्कर्म तथा आत्मकल्याण है। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जीवन का सही मार्ग दिखाती है तथा उसे भगवान श्रीकृष्ण के चरणों की ओर अग्रसर करती है। इस अवसर पर यजमान मधुबेन एवं इंदुभाई पटेल ने कहा कि हरिद्वार की पुण्यभूमि पर श्रीमद्भागवत सप्ताह का आयोजन उनके जीवन का परम सौभाग्य है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाने का आह्वान किया। कथा के प्रथम दिवस पर उपस्थित श्रद्धालु कथा के दिव्य संदेशों से भावविभोर हो उठे तथा संपूर्ण वातावरण भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर दिखाई दिया। इस अवसर पर श्री इंदु भाई पटेल मधुबेन श्री अनिल भाई गुरुजी महाराज राजेशरी दिनेश शाह भारती बेन झाड़ा कामिनी बेन सेवक सहित भारी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित थे



