पुण्य तिथी पर संतों और श्रद्धालुओं ने दी ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानन्द को श्रद्धांजलि
गौ सेवा, गंगा संरक्षण, धार्मिक मूल्यों एवं मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद का जीवन-स्वामी प्रणवानंद

हरिद्वार, 16 अगस्त। भीमगोड़ा स्थित श्री विश्नोई आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज के सानिध्य में ब्रह्मलीन गौ ऋषि महंत राजेन्द्रानंद महाराज की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे संतों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों तथा श्रद्धालु भक्तों ने ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज ने कहा कि पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज का संपूर्ण जीवन गौ सेवा, गंगा संरक्षण, धार्मिक मूल्यों एवं मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि गुरुदेव द्वारा स्थापित सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाना ही उनके जीवन का उद्देश्य है। गौ, गंगा, गीता और भगवान जम्भेश्वर की वाणी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज और राष्ट्र स्तर पर निरंतर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज केवल एक संत ही नहीं, बल्कि समाज को सेवा, सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और जीव मात्र के प्रति करुणा का संदेश देने वाले प्रेरणास्रोत थे। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि सरल, सहज और करुणामयी संत के रूप में ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज ने जीवन पर्यन्त सेवा, त्याग और परोपकार को प्राथमिकता दी। उनके विचार और सेवा कार्य सदैव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती एवं महंत स्वामी जयानंद महाराज ने कहा कि महंत राजेन्द्रानंद महाराज ने भगवान जम्भेश्वर की वाणी एवं विश्नोई समाज की पर्यावरण संरक्षण की महान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनका जीवन धर्म और समाज सेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। श्रीमहंत विष्णुदास महाराज, महामंडलेश्वर आत्मप्रकाश यति महाराज, श्रीमहंत दुर्गादास, महंत सूरजदास, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारीशरण, महंत दिनेश दास, महंत मोहन सिंह, महंत तीर्थ सिंह, स्वामी रविदेव शास्त्री, सुतिक्ष्ण मुनि, महंत देवानंद, महंत श्याम प्रकाश, महंत विनोद महाराज, महंत गुरमीत सिंह, महंत जगजीत सिंह, महंत गुरुमाल सिंह, महंत प्रहलाद दास, महंत प्रेमानंद, बाबा बालगिरि, महंत गोपाल गिरि, कोतवाल कमलमुनि, कोतवाल रमेशानंद सरस्वती, महंत ओमप्रकाश शास्त्री, गजेंद्र गिरि, साध्वी रजनी गिरि, मोहन दास, विवेकानंद, रामेश्वरानंद, रविदास, अखिलेश मुनि, जसराम दास, धर्मानंद, राजेश्वरानंद ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर स्वामी जयानंद, स्वामी गोविंदानंद, आचार्य विश्वात्मानंद, स्वामी गोविंद शरणानंद, स्वामी सागरानंद, पौत्र शिष्य आचार्य अमृतानंद, सर्वानन्द, जगदेवानंद, विश्वंभरानन्द, गजानंद एवं मुक्तेश्वरानंद, एडवोकेट दीपक कुमार विश्नोई, शुभम चौधरी, प्रदीप बेनीवाल, संजय बांगड़वा, भानु प्रताप, पवन, प्रमोद गिरि, शिवम गिरि, अश्वनी विश्नोई, विनीत विश्नोई सहित राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित विभिन्न प्रदेशों से हजारों की संख्या में आए श्रद्धालु मौजूद रहे और ब्रह्मलीन महंत राजेन्द्रानंद महाराज के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।


