भगवान राम की अनंत भक्ति से मानव जीवन सार्थक होता है : महंत रघुवीर दास महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंदश्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े के परम पूज्य श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने भक्तजनों के मध्य भगवान श्रीराम की अनंत महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि राम भजन ही मनुष्य जीवन की सबसे पावन और अमूल्य निधि है। उन्होंने अपने भावपूर्ण उद्गारों में कहा कि भगवान राम की भक्ति वह दिव्य प्रकाश है जो मानव जीवन के समस्त विकारों, दुखों और कष्टों का हरण कर आत्मा को शांति एवं आनंद से भर देती है।महंत श्री ने कहा कि जिस हृदय में राम का नाम बस जाता है, वहाँ से अहंकार, क्रोध, लोभ और मोह स्वतः दूर हो जाते हैं। भगवान श्रीराम केवल एक आराध्य नहीं, बल्कि मर्यादा, करुणा, धर्म और सत्य के जीवंत स्वरूप हैं। उनके चरणों में समर्पित जीवन ही वास्तव में सफल और सार्थक कहलाता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में राम नाम का स्मरण ही ऐसा सरल साधन है जो मनुष्य को भवसागर से पार लगाने की सामर्थ्य रखता है। भक्तिमय वातावरण में उपस्थित श्रद्धालु “जय श्रीराम” के उद्घोष से भावविभोर हो उठे। संपूर्ण आश्रम परिसर राममय हो गया और हर ओर भक्ति की अद्भुत छटा दिखाई दी। महंत रघुवीर दास जी महाराज ने कहा कि जब मनुष्य सच्चे हृदय से भगवान राम का स्मरण करता है तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं और उसके भीतर दया, प्रेम, सेवा तथा मानवता के भाव जागृत होते हैं।उन्होंने आगे कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य बाहरी सुखों की तलाश में भटक रहा है, जबकि वास्तविक आनंद भगवान राम की भक्ति में ही निहित है। राम भजन मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाकर उसे आत्मिक शांति प्रदान करता है। भगवान राम की अनंत महिमा का वर्णन शब्दों में संभव नहीं, क्योंकि उनका प्रत्येक स्वरूप भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और नई चेतना का संचार करता है। कार्यक्रम के अंत में भक्तजनों ने भक्ति रस में डूबकर राम नाम संकीर्तन किया तथा समस्त विश्व के कल्याण की कामना की। पूरा वातावरण राम भक्ति से ओतप्रोत होकर आध्यात्मिक आनंद में सराबोर दिखाई दिया।

