हरिद्वार में शिव महापुराण कथा की अमृतवर्षा से भक्त हुए भावविभोर

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद। विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध जयपुरिया धर्मशाला में 25 मई से 31 मई तक आयोजित शिव महापुराण कथा का दिव्य एवं भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया। कथा व्यास प्रातः स्मरणीय श्री जय गोपाल जी शास्त्री महाराज के श्रीमुख से ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य की अमृतवर्षा निरंतर प्रवाहित होती रही, जिसका श्रवण कर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बनाया। कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा, सनातन धर्म के आदर्शों तथा मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालु भक्ति रस में इस प्रकार सराबोर हो गए कि अनेक भक्त भजन-कीर्तन पर झूमने, गाने और नृत्य करने लगे। सम्पूर्ण वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा व्यास श्री जय गोपाल जी शास्त्री महाराज ने कहा कि शिव महापुराण का श्रवण मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागृति लाता है तथा भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने भक्तों को धर्म, सेवा, सदाचार और प्रभु स्मरण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस पावन आयोजन के यजमान एवं आयोजक श्रद्धेय श्रीमती शारदा देवी, श्री गोविंद लाल सोनी, साबरमल सोनी तथा चेतन सोनी, डीडवाना (राजस्थान) रहे। उनके द्वारा आयोजित इस दिव्य कथा महोत्सव में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सप्ताहभर चली इस पावन शिव महापुराण कथा ने हरिद्वार की पावन धरा पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा वातावरण निर्मित किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालु लंबे समय तक स्मरण करते रहेंगे।


