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भगवान की भक्ति से ही संभव है जीवन का कल्याण : महामंडलेश्वर स्वामी राम मुनि जी महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद । श्री संत मंडल आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रातः स्मरणीय महामंडलेश्वर श्री राम मुनि जी महाराज ने कहा कि ईश्वर की भक्ति मनुष्य को केवल ईश्वर की कृपा से ही प्राप्त होती है। मनुष्य के पूर्व जन्मों तथा वर्तमान जीवन के कर्मों के आधार पर भगवान उसे भक्ति का मार्ग प्रदान करते हैं। जब प्रभु की विशेष कृपा होती है तभी जीव का मन संसार से हटकर आध्यात्मिकता और भक्ति की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य भगवान भोलेनाथ सहित किसी भी देवी-देवता की आराधना कर सकता है, किंतु भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधारानी की भक्ति उनकी अनंत कृपा के बिना प्राप्त नहीं हो सकती। यह भक्ति अत्यंत दुर्लभ है और सौभाग्यशाली जीवों को ही प्राप्त होती है। महामंडलेश्वर श्री राम मुनि जी महाराज ने कहा कि आज अधिकांश लोग “तेरा-मेरा, इसका-उसका” के मोह में फंसकर अपना अमूल्य जीवन व्यर्थ कर रहे हैं। ऐसे लोग अपने वास्तविक कल्याण और मुक्ति के मार्ग को नहीं देख पाते। उन्होंने कहा कि जो इस संसार में आया है, उसे एक न एक दिन यहां से जाना भी है, इसलिए मनुष्य को अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि मनुष्य इस दुर्लभ मानव जीवन को प्राप्त करके भी सत्संग, भजन, प्रभु स्मरण और आध्यात्मिक चिंतन नहीं करता, तो उसका जीवन अधूरा रह जाता है। सत्संग ही वह माध्यम है जो मनुष्य को आत्मिक सुख, मानसिक शांति और ईश्वर प्राप्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में नियमित रूप से सत्संग और भक्ति को स्थान देना चाहिए, तभी जीवन सार्थक एवं सफल बन सकता है।

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