गुरुवर मैं तेरी पतंग तेरे हाथ है डोर मेरी श्री महंत जयरामदास महाराज हरिद्वार

हरिद्वार श्री वशिष्ठ सप्त ऋषि दूधाधारी आश्रम आश्रम हनुमान मंदिर ब्रह्मपुरी के श्री महंत जयरामदास महाराज ने भक्तजनों के बीच भीलवाड़ा राजस्थान जोगी भाटा में भक्तभक्त जनों के बीच ज्ञान की गंगा प्रवाहित करते हुए सुंदर भजन सुनाया गुरुवार मै तेरी पतंग तेरे हाथ है डोर मेरी राम नाम की वर्षा से भीगा तन यह और मन मेरा तेरी महिमा तू ही जाने कब सुन मेरी तू प्रीत इस सुंदर भजन पर भक्त नाचने गाने झूमने लगे इस अवसर पर अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए श्री महंत जय रामदास महाराज ने कहा गुरु ज्ञान का वह सरोवर है जिनके ज्ञान रूपी सरोवर में गोते लगाने के बाद भक्तों का जीवन धन्य तथा कृतार्थ हो जाता है और यह मानव जीवन सार्थक हो जाता है गुरु के बिना ज्ञान नहीं गुरु के बिना कल्याण नहीं और गुरु के बिना गति नहीं

