श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में हुआ  वार्षिकोत्सव का शुभारम्भ

 हरिद्वार : श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में दिनाङ्क 15 मार्च 2026 से त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव के समापनसमारोह का आज दिनाङ्क 17/03/2026 को आयोजन किया गया। समापन समारोह के अन्तर्गत अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय श्रीशङ्कराचार्याणां शास्त्रीया दृष्टिः, तेषां भारतीयसंस्कृतौ प्रभावश्च खा गया। जिसमें देश के प्रतिष्ठित विद्वानों एवं शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. भोला झा जी ने की। सम्मेलन में मुख्यातिथि के रूप में अनन्तश्री विभूषित स्वामी श्री परानन्द जी महाराजा, धर्म सङ्घ, दिल्ली उपस्थित रहें।  मुख्यवक्ता के रूप में उपस्थित प्रो. रामप्रकाश वर्णी जी ने अपन वक्तव्य में कहा कि आज जिस सार्वभौम सनातन धर्म को हम पुष्पित-पल्लवित देखकर गौरवान्वित हो रहे हैं उसका एक मात्र श्रेय उन महान विभूति जगदगुरु आद्य शङ्कराचार्य को जाता है। पतञ्जलि विश्वविद्यालय से उपस्थित डॉ. गौतम आर. जी ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कहा कि भारतीय विद्वानों, शिक्षाशास्त्रियों, इतिहासकारों, राजनेताओंं तथा विशषकर संस्कृत के आचार्यों से अपेक्षा है कि भारतीय इतिहास का सही ढंग से निरूपण करके वर्तमान सहित भावी पीढ़ी को भी लाभान्वित करें। सम्मेलन की संयोजिका डॉ. आशिमा श्रवण जी ने कहा कि इस विशाल भारतभूमि के चारों कोनों को श्रेष्ठ धर्माचार्यों के संरक्षण में एक सूत्र में बाँधने का महान कार्य किया है। सत्र का सञ्चालन श्री एम. नरेश भट्ट जी ने किया। सम्मेलन का द्वितीय सत्र समापन सत्र रखा गया। जिसके अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजसेवी श्री देशराज शर्मा जी ने की। समापन सत्र में आयोजित क्रीडा-प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा तथा पुरस्कारवितरन किया गया। क्रीडा-प्रतियोगिताओं के अन्तर्गत क्रिकेट, बैडमिंटन, दौड, योगासन एवं संस्कृतभाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की गयी। क्रिकेट में श्री भगवादास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय की टिम विजेता एवं गुरुकुल महाविद्यालय, ज्वालापुर की टीम उपविजेता रही। बैडमिंटन में दीपांशु जोशी, (श्री भगवादास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय) प्रथम तथा लक्की जोशी, श्री चेतन ज्योति साधु संस्कृत महाविद्यालय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत भाषन में मोहित चन्दर सती – प्रथम, करन मेलकानी – द्वितीय तथा आशीष पन्त तृतीय स्था पर रहें। ये तीनों श्री भगवादास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के छात्र है। इसी प्रकार योगासन (बालिकावर्ग) में पूजा, ऋषि योग संस्थान, प्रथम सीमापाल, गरीबदासीय साधु संस्कृत महाविद्यालय, द्वितीय, पारुल अग्रवाल, श्री भगवादास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय तृतीय स्थान पर रही। योगासन (बालकवर्ग) में सीताराम पण्डा, ऋषि योग संस्थान, प्रथम तथा शिवशंकर गिरि, ऋषि योग संस्थान, द्वितीय स्तान पर रहे। दौड प्रतियोगिता (100-200 मी.) में गौरव मिश्रा, श्री भगवादास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, प्रथम दीपांशु खन्तवाल ऋषिकुल विद्यापीठ, तथा केशव श्रीकुञ्ज, चेतनज्योति साधु संस्कृत महाविद्यालय, द्वितीय तथा अनुज मंमगई, ऋषिकुलविद्यापीठ, हिमांशु पन्त उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समपान सत्र में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित नगरविधायक, पूर्व कैबिनेट मन्त्री एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष, सम्मान्य श्री मदन कौशिक जी रहे; जिन्होंने अपने वक्तव्य में महाविद्यालय की प्रसंसा करते हुए कहा की महाविद्यालय के द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्य अत्यन्त सराहनीय है। महाविद्यालय द्वारा सञ्चालित निःशुल्क उपक्रम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, ज्योतिष परामर्श केन्द्र तथा संस्कृत अध्ययन केन्द्र सामाजिक उन्नति हेतु निरन्तर गतिमान् है। महाविद्;यालय निरन्तर संस्कृत भाषा की उन्नति के लिये कार्यरत है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित संस्कृत भारती के प्रान्त सङ्घटन मन्त्री श्री गौरव शास्त्री जी ने सभी छात्रों को आशीर्वाद प्रदान किया।  समापनसत्र के अन्त में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार जी ने सभी अतिथि महानुभावों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सत्र संयोजक डॉ. आशिमा श्रवण तथा सत्र सञ्चालक डॉ. सुमन्त कुमार सिंह जी रहें। गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विभिन्न संस्कृत महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

(डॉ. अंकुर कुमार आर्य)

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