महामंडलेश्वर 1008 अनंत विभूषित परम वंदनीय प्रातः स्मरणीय श्री श्याम दास जी महाराज ने कहा भक्ति निस्वार्थ तथा निश्चल होती है

हरिद्वार( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द ) भूपतवाला जगतगुरु रामानंदाचार्य घाट हनुमान गुफा में संपूर्ण पितृ पक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर तक गरीब दरिद्र नारायण की सेवा में बाल भोग चाय जलपान की सेवा निरंतर चल रही है इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर 1008 अनंत विभूषित परम वंदनीय प्रातः स्मरणीय श्री श्याम दास जी महाराज ने कहा भक्ति निस्वार्थ तथा निश्चल होती है अगर आपका मन अशांत है और आप भक्ति कर रहे हैं तो ऐसी भक्ति किसी काम की नहीं भक्ति करते समय तेरा मेरा इसका इसका अपना और पराया नहीं होना चाहिये भक्ति एकाग्र एवम एकांत होती है भक्ति भाव से की जाये तो भक्ति की आवाज सीधे भगवान श्री राम के चरणों तक जाती है भक्ति इस लोक में तो काम आती ही है परलोक भी सुधार देती है हमारा मानव जीवन भक्ति के मार्ग से ही सार्थक हो सकता है और भक्ति का मार्ग हमें सिर्फ गुरु चरणों से प्राप्त होता है क्रोध हमेशा मनुष्य के विवेक को खा जाता है इसलिये क्रोध और अहंकार से हमेशा दूर रहे

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