स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में उमड़ी रक्तदाताओं की भारी भीड़हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद रानीपुर मोड़ स्थित वसुदेव कुटुंबकम फाउंडेशन के तत्वावधान में मधुबन होटल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रक्तदाताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।


इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने रक्तदान को महादान बताते हुए लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। श्रीमती सोनिया भाटिया ने कहा, “रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।” श्रीमती सोनिया अरोड़ा संगठन की अध्यक्ष रेणुका अरोड़ा ने कहा, “हमारा छोटा सा प्रयास किसी परिवार की खुशियां वापस ला सकता है। रक्तदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।” श्रीमती रुचि तनेजा ने कहा, “रक्तदान करने से न केवल किसी का जीवन बचता है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है। हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।” श्रीमती सानवी गुलाटी ने कहा, “रक्त की जरूरत कभी भी किसी को पड़ सकती है, इसलिए रक्तदान के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। युवाओं को विशेष रूप से इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।” श्रीमती प्रीति आहूजा ने कहा, “रक्तदान एक ऐसा सेवा कार्य है जिसका लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को मानवता के इस कार्य में अपना योगदान देना चाहिए।”श्रीमती पूजा अरोड़ा ने कहा, “एक यूनिट रक्त किसी के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है। इसलिए लोगों को भ्रांतियों से दूर होकर स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए।”श्रीमती निधि चावला ने कहा, “रक्तदान के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। ऐसे शिविर निरंतर आयोजित होते रहने चाहिए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।” श्रीमती रेनू अरोड़ा ने कहा, “मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं और रक्तदान इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। हमें स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।” शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता करते हुए रक्तदान किया। आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।


