भगवान कृष्ण की भक्ति मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी निधि है कृष्णा बेन हरिद्वार
हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद । रानी गली स्थित श्री नकलक धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास, भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनते ही वातावरण जय श्रीकृष्ण और नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोषों से गूंज उठा। भक्तों ने भजन-कीर्तन और पुष्प वर्षा के साथ नंदलाल के प्राकट्य का उत्सव मनाया। कथा व्यास उदय प्रसाद गौर जी ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की महिमा अनंत और अपरंपार है। जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं भक्तों के कल्याण हेतु अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि आज के जन्मोत्सव में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भक्तों को दर्शन देने के लिए अवतरित हो रहे हों। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का प्रसिद्ध श्लोक सुनाते हुए कहा “यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥” अर्थात जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं स्वयं अवतार धारण करता हूं। कथा व्यास ने एक भावपूर्ण दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि जिस प्रकार अंधेरी रात में एक दीपक पूरे घर को प्रकाश से भर देता है, उसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म संसार के अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर धर्म, प्रेम और भक्ति का प्रकाश फैलाता है। श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, प्रेम और कर्तव्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। इस अवसर पर कथा के यजमान शांति भाई पटेल ने कहा कि श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला के महान आचार्य हैं। अशोक भाई पटेल ने कहा कि श्रीकृष्ण का नाम मात्र ही मन को शांति और आनंद से भर देता है। जयंती भाई पटेल ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं भक्तों को प्रेम और सरलता का संदेश देती हैं। भावेश कन्नू भाई पटेल ने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व करुणा, नीति और धर्म का अद्भुत संगम है। श्रीमती कृष्णाबेन ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। श्रीमती वैभवी पटेल ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भक्तों को प्रेम, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। श्रीमान शांति भाई पटेल ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कथा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। श्रीमती नैना बेन पटेल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से ही जीवन में सच्चा आनंद और आत्मिक शांति प्राप्त होती है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा तथा सभी श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लेते हुए उनके चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।


