भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध चंडीगढ़ भवन में भवन के संस्थापक श्रद्धेय स्वर्गीय लाल ओमचंद गर्ग जी की चतुर्थ पावन पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ

हरिद्वार के भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध चंडीगढ़ भवन में भवन के संस्थापक श्रद्धेय स्वर्गीय लाल ओमचंद गर्ग जी की चतुर्थ पावन पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान स्वामी सोहम मुनि महाराज के श्रीमुख से अमृतमयी कथा का रसपान कर श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बना रहे हैं। कथा के दौरान महाराज श्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत के चार मूल श्लोकों में संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण, जीव के परम मंगल तथा मोक्ष प्राप्ति का दिव्य रहस्य समाहित है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति, सत्संग, सेवा और सदाचार ही मानव जीवन को परम लक्ष्य तक पहुंचाने का सरल एवं श्रेष्ठ मार्ग है।महाराज श्री के ओजस्वी एवं हृदयस्पर्शी प्रवचनों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे तथा कथा पंडाल बार-बार हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान होता रहा। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को अंधकार से प्रकाश, अशांति से शांति और बंधन से मुक्ति की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा के प्रत्येक प्रसंग में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी प्रवाहित हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं के हृदय में धर्म और अध्यात्म के प्रति नई चेतना का संचार हो रहा है।इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान श्री बलबीर गर्ग जी हैं, जिनके सान्निध्य एवं सहयोग से यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहा है। कथा का श्रवण कर श्रद्धालु अपने जीवन को सद्मार्ग, संस्कार और कल्याण की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं तथा भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त कर आत्मिक शांति और आनंद का अनुभव कर रहे हैं।

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