भक्ति रस से सराबोर दिखा श्री तुलसी मानस मंदिर, संतों के सान्निध्य में संपन्न हुई श्रीमद्भागवत कथा हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। भूपतवाला क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध श्री तुलसी मानस मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कथा व्यास प्रातः स्मरणीय महंत कामेश्वर पुरी जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृतधारा का श्रवण कर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बनाया। समापन अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर दिखाई दिया। संत-महापुरुषों के श्रीमुख से ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य की गंगा प्रवाहित हुई, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त की। कथा के दौरान भगवान की महिमा, धर्म के आदर्शों तथा मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का सुंदर वर्णन किया गया। इस पावन अवसर पर महंत रविदेव महाराज, महंत दिनेश दास महाराज, महंत सचिव गोविंद दास महाराज, महंत बिहारी शरण महाराज, स्वामी अंकित शरण महाराज तथा महंत सूरज दास महाराज सहित अनेक संत-महापुरुष उपस्थित रहे। संतों ने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सत्संग और प्रभु भक्ति के महत्व से अवगत कराया। कथा समापन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया। संपूर्ण मंदिर परिसर भजन, कीर्तन और जयघोषों से गुंजायमान रहा तथा भक्तजन भक्ति रस में भावविभोर होकर प्रभु स्मरण में लीन दिखाई दिए। श्री तुलसी मानस मंदिर में संपन्न यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।

