6भक्ति रस में कृष्णमय हो उठा संपूर्ण तुलसी मानस मंदिर परिसर हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री तुलसी मानस मंदिर में प्रातः स्मरणीय श्री महंत कामेश्वर पुरी जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा का पावन प्रवाह निरंतर प्रवाहित हो रहा है। इस पावन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोता कथा का आनंद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं। आज कथा व्यास परम पूज्य, परम वंदनीय, परम तपस्वी स्वामी कामेश्वर पुरी जी महाराज ने कथा में रुक्मणी विवाह का सुंदर एवं भावपूर्ण दृष्टांत सुनाकर भक्तजनों को भावविभोर कर दिया। कथा के मधुर प्रसंगों एवं भक्ति रस से सराबोर वाणी को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे तथा सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। स्वामी जी महाराज ने अपने दिव्य उद्बोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी का पावन विवाह हमें सच्चे प्रेम, समर्पण एवं अटूट श्रद्धा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जो भक्त सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करता है, भगवान स्वयं उसके जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से संपूर्ण मंदिर परिसर कृष्णमय हो उठा तथा श्रद्धालु भावविभोर होकर प्रभु नाम का गुणगान करते रहे। दूर-दूर से आए भक्तजन कथा श्रवण कर आध्यात्मिक शांति एवं पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मणी जी के दिव्य विवाह उत्सव पर पुष्प वर्षा कर मंगल आरती में सहभाग कर पुण्य अर्जित किया।



