जिस क्रिया के द्वारा हम भगवती तक पहुंच जाये वही उपवास है प्रख्यात कथा व्यास श्री भरत पांडेय हरिद्वार

हरिद्वार जिस क्रिया के द्वारा हम भगवती तक पहुंच जाये वही उपवास है प्रख्यात कथा व्यास श्री भरत पांडेय हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद मां गंगा की पावन नगरी हरिद्वार की पावन धरा पर भक्तों को मां भगवती की महिमा का वर्णन सुनते हुए देश के प्रख्यात कथा व्यास प्रातः स्मरणीय परम पूज्य श्री भरत पांडेय ने कहा उपवास का अर्थ शरीर को किसी प्रकार का कष्ट या प्रताड़ना देना नहीं उपवास मां भगवती की प्रसन्नता के लिए रखें अपनी प्रसन्नता के लिए नहीं जिससे शरीर को कष्ट हो ऐसे कार्य निरार्थक हैं भक्ति कठोर हो यह जरूरी नहीं सूक्ष्म आराधना से भी मां भगवती और भगवान प्रसन्न हो सकते हैं हमेशा अपनी प्रसन्नता ना देखें मां भगवती की प्रसन्नता का भी विशेष ध्यान रखना चाहिये और कलयुग में कठोर साधना की आवश्यकता नहीं सूक्ष्म आराधना से भी ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है


