Trending

गुरुजनों के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा मानव जीवन सार्थक कर देती है महंत रामवीर दास हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद कांगड़ी गाजीवाला आर्यनगर स्थित प्रसिद्धनौमी डेरा आश्रम में प्रातः स्मरणीय परम वंदनीय परम तपस्वी परम विद्वान महंत श्री रामवीर दास महाराज ने भक्त जनों के बीच अपने श्री मुख से ज्ञान की गंगा प्रवाहित करते हुए कहा शिव ही जड़ है और शिव ही चैतन्य है इस चराचर सृष्टि की उत्पत्ति भगवान शिव से हुई है और एक दिन उन्ही में समाहित हो जाना है बाकी सब मोह माया का जाल है इसलिए भगवान श्री हरि की कृपा से आपको यह मानव जीवन मिला है इसे हरि भजन से सार्थक कर लीजिए उन्होंने कहा इस पृथ्वी लोक पर दो प्रकार की गंगा बहती हैं एक तो मां भागीरथी है जिन स्नान करने मात्र से मनुष्य पाप मुक्त हो जाता है और दूसरी गंगा संत महापुरुष है जिनके श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा हमारे मनुष्य जीवन को धन्य तथा सार्थक कर देती है गुरुजनों की पावन संगत मनुष्य के मन के विकारों का तर्पण करने केसाथ-साथ उसके मानव जीवन का भी उद्धार कर देती है

Related Articles

Back to top button