महामंडलेश्वर श्री नारायण दास महाराज ज्ञान रूपी सागर के रूप में विद्यमान थे जगद्गुरु रामानंदाचार्य अयोध्या दास महाराज हरिद्वार

 हरिद्वार 18 सितंबर 2025 (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) श्रवण नाथ नगर स्थित श्री नृसिंह धाम आश्रम में परम पूज्य गुरुदेव 1008 साकेतवासी महामंडलेश्वर श्री नारायण दास जी महाराज के श्राद्ध पक्ष भंडारे के अवसर पर बोलते हुए जगतगुरु रामानंदाचार्य श्री अयोध्या दास महाराज ने कहा ज्ञान सूर्य के समान प्रकाशमान होता है जो मनुष्य के ज्ञान चक्षु खोल देता और यह ज्ञान हमें गुरुजनों की शरण में जाने से प्राप्त सतगुरु देव महामंडलेश्वर 1008 श्री नारायण दास महाराज इस पृथ्वी लोक पर ज्ञान का एक विशाल सागर थे उनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान कर भक्तजन अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ किया करते इस अवसर पर बोलते हैं श्री राजेंद्र प्रसाद जी ने कहा पूर्व जन्मों के अच्छे कर्मों के फलीभूत मनुष्य को गुरु की शरण प्राप्त होती है और जो भक्त गुरु की शरणागत हो जाते हैं उनका यह मानव जीवन सार्थक हो जाता है सतगुरु तारणहार है सतगुरु ही घनश्याम सतगुरु मेरे राम है सतगुरु तारे पार इस अवसर पर श्री महंत रघुवीर दास महाराज महंत शत्रुघ्न दास महाराज कोतवाल रामदास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे

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