गुरु जी की रसोई में हर रविवार हजारों जरूरतमंदों को भोजन वितरण हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। ज्वालापुर स्थित गुरु रविदास चौक के निकट स्थानीय नागरिकों के अथक प्रयासों से प्रत्येक रविवार “गुरु जी की रसोई” का आयोजन किया जाता है। इस रसोई के माध्यम से समाज के सभी धर्मों के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया जाता है। गुरु जी की रसोई में प्रत्येक रविवार हजारों लोग भोजन प्रसाद का लाभ प्राप्त करते हैं। इस सेवा कार्य का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सेवा, समर्पण और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। श्री मुकेश वर्मा ने कहा कि “भूखे व्यक्ति को भोजन कराना केवल एक सेवा नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। जब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर भोजन मिलने के बाद मुस्कान आती है, तो वही इस सेवा की सबसे बड़ी उपलब्धि है।” कमलउलियान ने कहा कि “गुरु जी की रसोई किसी एक धर्म या वर्ग की नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज की सेवा का माध्यम है। हमारा प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति रविवार को भूखा न रहे और सभी लोग आपसी प्रेम एवं भाईचारे के साथ इस सेवा से जुड़ें।” वहीं अनिल चौहान ने कहा कि “अन्नदान से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें जरूरतमंदों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है। सेवा की यह भावना निरंतर आगे बढ़ती रहे और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें, यही हमारी कामना है।” सोई के संचालन एवं भोजन वितरण में अमन कुमार, दीपक कुमार, विशाल राठौर, राकेश कंसल, लोकेश सहित अनेक स्थानीय नागरिक निरंतर सहयोग और सेवा-समर्पण भाव से अपना योगदान दे रहे हैं। गुरु जी की रसोई समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव की एक सुंदर मिसाल बन रही है, जहां बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सेवा से जुड़े लोगों का कहना है कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और अन्नदान संसार के महानतम सेवा कार्यों में से एक है। इसी भावना के साथ स्थानीय नागरिक प्रत्येक रविवार इस पुनीत सेवा कार्य को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।


