स्वामी अजरानंद अंध विद्यालय में किया गुरूजन स्मृति समारोह का आयोजन त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी अजरानंद-स्वामी स्वयंमानंद हरिद्वार

हरिद्वार 22 जून। सप्त सरोवर क्षेत्र स्थित स्वामी अजरानंद महिला आश्रम ट्रस्ट के तत्वाधान में संस्था के परमाध्यक्ष महंत स्वामी स्वयंमानंद महाराज की अध्यक्षता एवं स्वामी विचित्रानंद महाराज के संयोजन में तीन दिवसीय गुरुजन स्मृति समारोह के समापन पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संत समाज व श्रद्धालुजनों ने ब्रह्मलीन स्वामी अजरानंद महाराज, माता देवी शांतानंद महाराज, माता देवी स्वरूपानंद महाराज एवं ब्रह्मलीन सच्चिदानंद महाराज को पुष्पांजलि अर्पित कर समाधि पूजन किया। स्वामी स्वयंमानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी अजरानंद महाराज त्याग, तपस्या ओर सेवा की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने नेत्रहीनों के लिए विद्यालय स्थापित कर महान कार्य किया। इस कार्य को माता शांतानंद,देवी स्वरूपानंद और गुरुदेव सच्चिदानंद महाराज ने आगे बढ़ाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि स्वामी अजरानंद अंध विद्यालय इंटर कालेज दिव्यांगों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश और उच्च शिक्षा का माध्यम बनेगा।

महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद महाराज ने कहा कि स्वामी स्वयंमानंद महाराज जिस प्रकार अपने गुरू के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। वह सभी के लि प्रेरणादायी है। स्वामी विचित्रानंद महाराज ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, महंत सूरज दास, महंत विवेकानंद, महंत गोविंद दास, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी ज्योर्तिमयानंद, महंत दिनेश दास, महंत मोहन सिंह, भक्त दुर्गा दास, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी महेशानंद, सहित अनेक संत जनों ने ब्रह्मलीन गुरुजनों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा का संचालन महंत रवि देव शास्त्री ने किया। स्वामी विचित्रानंद, रमेश कुमार एवं स्वामी अजरानंद महिला आश्रम ट्रस्ट के ट्रस्टी और भक्तों ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त किया।

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