सर्वोदय आश्रम में श्री हरि कथा महोत्सव का शुभारंभ, राम कथा और भागवत कथा श्रवण से भक्त भावविभो हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद। भूपतवाला स्थित सर्वोदय आश्रम में श्री हरि कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। महोत्सव के अंतर्गत श्रद्धालु एक साथ श्री राम कथा एवं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का रसपान कर रहे हैं। कथा व्यास पूज्य श्री आलोक जी महाराज के श्रीमुख से श्री राम कथा तथा पूज्य श्री जयप्रकाश नारायण दीक्षित जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य प्रवाह प्रारंभ हुआ, जिसका श्रवण कर श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं।श्री राम कथा मानव जीवन को मर्यादा का संदेश देती हैप्रथम दिवस की कथा में श्री आलोक जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। राम कथा हमें सत्य, त्याग, सेवा, करुणा और मर्यादा का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि जिस घर में राम नाम का स्मरण होता है वहां सुख, शांति और सद्भाव का वास होता है। भगवान श्रीराम का चरित्र मानव को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है तथा जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखने की शिक्षा प्रदान करता है।श्रीमद्भागवत कथा भक्ति और मोक्ष का दिव्य मार्गश्रीमद्भागवत कथा का मंगलाचरण करते हुए श्री जयप्रकाश नारायण दीक्षित जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण समस्त वेदों और शास्त्रों का सार है। यह कथा जीव को भगवान की भक्ति से जोड़कर उसके जीवन को पवित्र बनाती है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम, गुण और लीलाओं का श्रवण ही आत्मकल्याण का सर्वोत्तम साधन है। भागवत कथा मनुष्य के हृदय में प्रेम, श्रद्धा और वैराग्य का संचार कर उसे प्रभु चरणों की ओर अग्रसर करती हैकथा के प्रथम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर दोनों कथाओं का श्रवण किया तथा भक्ति रस में सराबोर हो गए। आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन, जयघोष एवं आध्यात्मिक वातावरण ने सभी को भावविभोर कर दिया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कथा का नियमित श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।


