राम भजन मानव जीवन की सबसे बहुमूल्य निधि : महंत श्याम सुंदर महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद श्यामपुर स्थितश्री श्याम वैकुंठ धाम के परमाध्यक्ष महंत प्रातः स्मरणीय श्याम सुंदर जी महाराज ने भक्तजनों को संबोधित करते हुए कहा कि राम भजन मनुष्य जीवन की सबसे बहुमूल्य निधि है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अनेक जन्मों के पुण्यों के फलस्वरूप यह दुर्लभ मानव जीवन प्राप्त करता है, इसलिए इसे केवल सांसारिक मोह-माया और भौतिक सुखों में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए, बल्कि प्रभु भक्ति और सत्कर्मों में लगाना चाहिए।महंत श्री ने अपने पावन वचनों में कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक नाम नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, मर्यादा और करुणा के प्रतीक हैं। जो व्यक्ति सच्चे हृदय से राम नाम का जाप करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं। उन्होंने कहा कि राम भजन से मन को शांति, बुद्धि को स्थिरता और आत्मा को दिव्य आनंद की अनुभूति होती है। वर्तमान समय में जब मनुष्य तनाव, चिंता और अशांति से घिरा हुआ है, तब राम नाम ही ऐसा दिव्य आधार है जो जीवन को नई दिशा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों ने सदैव राम नाम की महिमा का गुणगान किया है। तुलसीदास जी, कबीरदास जी एवं अनेक संतों ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रभु स्मरण से बड़ा कोई साधन नहीं है। महंत श्री ने भक्तों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल कुछ समय भजन, कीर्तन और सत्संग के लिए अवश्य निकालें, ताकि परिवार एवं समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके।सत्संग के दौरान भक्ति भजनों और राम नाम संकीर्तन से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। कार्यक्रम में दूर-दूर से आए भक्तों ने भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति प्राप्त की। महंत श्री ने कहा कि जिस घर में प्रभु का स्मरण और भजन होता है, वहाँ सदैव सुख, शांति और समृद्धि का वास रहता है।कार्यक्रम के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही देश, समाज और विश्व कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना भी की गई।



