भगवान की महिमा बड़ी ही अपरम्पार है श्राप को भी वरदान बना देते हैं कथा व्यास महंत रवि देव महाराज हरिद्वार

भगवान की महिमा बड़ी ही अपरम्पार है श्राप को भी वरदान बना देते हैं कथा व्यास महंत रवि देव महाराज हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) कनखल स्थित श्री ब्रह्म हरि आश्रम में परम पूज्य गुरुदेव श्री महंत दामोदर शरण महाराज के पावन सानिध्य में चल रही कथा का श्रवण कर भक्त अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ कर रहे हैं कथा व्यास परम पूज्य श्री महंत रवि देव महाराज ने भगवान श्री कृष्णा तथा श्री नंद जी की कथा का दृष्टांत सुनते हुए भक्तों को भाव विभोर कर दिया और कई अंगों से टेढ़े मेढ़े अंगिरस ऋषि का मजाक उड़ाने वाले सुदर्शन विद्याधर को ऋषि के श्राप के कारण साप योनि प्राप्त किंतु ऋषि से अपने कथित आचरण के लिए क्षमा मांगने पर ऋषि ने कहा तुम्हारा उध्दार भगवान श्री कृष्ण के हाथों होगा और नंद जी को आधा सटक लेने के कारण जब श्री कृष्ण ने उन्हें बचाने हेतु प्रहार किया तो ऋषि के श्राप से उन्हें मुक्ति मिली और पूर्व जैसा सुंदर मनुष्य जीवन प्राप्त हुआ अगर भगवान चाहे तो श्राप भी वरदान में बदल जाता है जीवन में किया गया पुण्य तथा दान सत्कर्म किया गया सत्संग पूजा पाठ कभी निरर्थक नहीं जाता ऐसे पावन सत्यकर्म मनुष्य के जीवन का उद्धार कर देते हैं संत महापुरुषों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्यों में जगत कल्याण की भावना निहित होती है संत महापुरुषों द्वारा किये जाने वाले यज्ञ अनुष्ठान पूजा पाठ में भक्तों का हित निहित होता है

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