तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण हेतु आशा वर्कर्स का प्रशिक्षण

वर्तमान समय में पूरी दुनिया में तंबाकू सेवन के कारण होने वाली अकाल मृत्यु की संख्या बहुत अधिक है। तंबाकू कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग जैसे गंभीर रोगों का मुख्य कारण है। भारत में तंबाकू के कारण प्रतिवर्ष लगभग 13.5 लाख लोगों की मृत्यु होती है और वर्तमान में लगभग 27 करोड़ लोग तंबाकू की लत में फंसे हुए हैं। ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (GYTS) 2019 के अनुसार, भारत में 15 वर्ष एवं उससे कम आयु वर्ग के लगभग 8.5% छात्र-छात्राएं तंबाकू सेवन की लत में हैं।
इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, दिनांक 17 अक्टूबर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), भगवानपुर में एवेरेस्ट फाउंडेशन और सलाम मुंबई फाउंडेशन के सहयोग से आशा वर्कर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। माननीय चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुज सिसोदिया सर की अनुमति और मार्गदर्शन से आयोजित इस प्रशिक्षण में स्वास्थ्य केंद्र के भगवानपुर विकासखंड की 45 आशा वर्कर्स ने भाग लिया। इस अवसर पर श्री रविन्द्र कुमार ने अपने मार्गदर्शन में कहा कि तंबाकू मुक्त विद्यालयों के साथ ही नागरिकों एवं ग्राम स्तर को तंबाकू सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना एक बहुत ही पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा, “आज हमारे देश की आम जनता को तंबाकू की लत से बाहर निकालकर उन्हें तंबाकू मुक्त वातावरण देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ‘तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्था नीति अभियान’ चलाया जा रहा है। इस कार्य में आशा वर्कर्स की भूमिका निर्णायक और पवित्र होगी, जिससे घर-घर तम्बाकू के दुष्प्रभाव की जानकारी पहुंचाई जा सकती है।” कार्यक्रम की अध्यक्षता बीपीएम् (BPM) श्री संजीव कुमार जी ने की। श्री रविन्द्र कुमार प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राखी सैनी जी ने किया। कार्यशाला में सहभागी सभी आशा वर्कर्स ने अपने-अपने गांव को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लिया।



