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बाबा जोध सचियार जी महाराज के पावन जन्मोत्सव समागम का भाव्य समापन, श्रद्धालुओं ने किया गुरु महिमा का गुणगान हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। भूपतवाला स्थित दूधाधारी चौक के निकट डेरा बाबा जोध सचियार जी महाराज में बाबा गुरु भगवान जोध सचियार जी महाराज के पावन जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल धार्मिक समागम का अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर गुरु चरणों में शीश नवाया तथा गुरु कृपा का आशीर्वाद प्राप्त किया। संस्था के प्रधान भाई विनोद भयाना (विधायक, हांसी) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा जोध सचियार जी महाराज ने सदैव मानवता, सेवा, प्रेम और परोपकार का संदेश दिया। उनका सम्पूर्ण जीवन समाज को सही दिशा देने, पीड़ित मानवता की सेवा करने तथा लोगों को ईश्वर भक्ति से जोड़ने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को प्रकाशमय बना देता है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है।महासचिव भाई मदन मोहन भयाना ने कहा कि संत महापुरुष इस धरती पर ईश्वर के स्वरूप होते हैं। बाबा जोध सचियार जी महाराज ने अपने तप, त्याग और आध्यात्मिक शक्ति से असंख्य लोगों के जीवन में नई चेतना का संचार किया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सद्भाव, भाईचारे और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। प्रबंधक श्री सुधीर भयाना ने कहा कि गुरु महाराज का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सदैव सत्य, सेवा और सिमरन का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। गुरु की कृपा से ही मनुष्य के जीवन में शांति, सुख और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।भाई नरेंद्र भयाना ने कहा कि गुरु महाराज ने मानवता को एकता, प्रेम और सहयोग की शिक्षा दी। उनके पावन जन्मोत्सव के अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाएंभाई सुरेंद्र भयाना ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संतों का जीवन समाज के लिए प्रकाश स्तंभ के समान होता है। बाबा जोध सचियार जी महाराज की वाणी और शिक्षाएं आज भी लाखों श्रद्धालुओं के लिए मार्गदर्शक बनी हुई हैं तथा लोगों को आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर कर रही हैं। भाई राकेश भयाना ने कहा कि गुरु महाराज का पावन जन्मोत्सव केवल एक उत्सव नहीं बल्कि गुरु की शिक्षाओं को स्मरण करने और उन्हें जीवन में अपनाने का अवसर है। गुरु की कृपा से ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और मनुष्य सच्चे सुख एवं आनंद की प्राप्ति करता है।समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज की महिमा का गुणगान करते हुए उनके चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए तथा समस्त मानवता के कल्याण, विश्व शांति और आपसी प्रेम-सौहार्द की मंगल कामना की। समूचा वातावरण गुरु भक्ति, सत्संग, कीर्तन और जयघोषों से भक्तिमय बना रहा।

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