श्रीमद्भागवत कथा श्रवण कर भक्तजन हुए भावविभोर, भगवान राम एवं श्रीकृष्ण भक्ति की महिमा का हुआ रसपूर्ण वर्णन हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री चेतन ज्योति आश्रम में कथा व्यास पूज्य रामेश्वर बापू हरियाणी जी के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा का पावन श्रवण कर श्रद्धालु भक्तजन अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बना रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श जीवन एवं लोककल्याणकारी चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की मधुर भक्ति, प्रेम, करुणा एवं भक्तवत्सल स्वरूप का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धर्म, सेवा एवं त्याग का संदेश देता है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर परम आनंद की प्राप्ति कराती है। श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य माध्यम है। कथा श्रवण से मन की चंचलता शांत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार जैसी तपोभूमि में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना अनेक जन्मों के पुण्यों का प्रतिफल है।श्री प्रवीण भाई के विचार : “श्रीमद्भागवत कथा का प्रत्येक प्रसंग जीवन को नई दिशा प्रदान करता है। हरिद्वार की इस पुण्यभूमि में कथा श्रवण कर मन को अद्भुत शांति एवं आनंद की अनुभूति हो रही है। प्रभु की कृपा से जीवन धन्य हो गया है।”श्री लक्ष्मण भाई चावड़ा के विचार : “भगवान श्रीराम की मर्यादा और श्रीकृष्ण की भक्ति का जो दिव्य संदेश कथा में प्राप्त हो रहा है, वह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है। कथा श्रवण से हृदय भक्ति रस से सराबोर हो उठा है।” श्रीमती जय बेन के विचार : “हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। कथा के माध्यम से भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास और अधिक दृढ़ हुआ है। यह आध्यात्मिक अनुभव अविस्मरणीय है।”श्री प्रवीण भाई चावड़ा के विचार :”कथा के दिव्य प्रसंगों को सुनकर ऐसा अनुभव होता है मानो स्वयं भगवान की कृपा बरस रही हो। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन को पवित्र और सार्थक बनाने का श्रेष्ठ माध्यम है।”श्रीमती सोनम किशन राज पोपट के विचार : “भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं भक्ति का श्रवण कर मन अत्यंत प्रसन्न और भावविभोर हो गया। कथा से प्राप्त आध्यात्मिक ऊर्जा जीवन भर मार्गदर्शन करती रहेगी।” श्री किशन राज पोपट के विचार : “विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी हरिद्वार में संत-महात्माओं के सान्निध्य में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना जीवन की अमूल्य निधि है। प्रभु भक्ति ही मानव जीवन का वास्तविक आधार है।”कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान श्रीहरि के जयघोष लगाए तथा प्रार्थना की कि प्रभु की कृपा सभी पर बनी रहे। सम्पूर्ण आश्रम क्षेत्र श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के जयघोषों से गुंजायमान होकर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत दिखाई दिया।


