गुरु भगवान श्री मदन मोहन दास मालवीय जी महाराज की पुण्य स्मृति में विशाल संत भंडारा संपन्न हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद। रानी गली स्थित पीपल वाली गली के प्रेम भक्ति योग आश्रम में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान सकेतवासी श्री मदन मोहन दास मालवीय जी महाराज की पावन स्मृति में आश्रम की महंत परम पूज्य श्री श्यामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में विशाल संत भंडारे का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महापुरुषों एवं श्रद्धालु भक्तों ने सहभागिता कर गुरु चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।इस अवसर पर श्री महंत दुर्गादास जी महाराज ने कहा कि गुरु ही मानव जीवन के सच्चे पथप्रदर्शक हैं। गुरु की कृपा से ही अज्ञान का अंधकार दूर होकर आत्मज्ञान का प्रकाश प्राप्त होता है। गुरु के बताए मार्ग पर चलने वाला साधक जीवन में सदैव उन्नति प्राप्त करता है। श्री महंत सूरजदास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को पवित्र और सार्थक बनाता है। गुरु सेवा, भक्ति और समर्पण ही ईश्वर की सच्ची आराधना का मार्ग है। महंत नारायण दास पटवारी जी ने कहा कि गुरु के श्रीचरणों में श्रद्धा और विश्वास रखने वाला व्यक्ति सभी सांसारिक और आध्यात्मिक बाधाओं को सहज ही पार कर लेता है। गुरु की वाणी मानव जीवन का अमूल्य मार्गदर्शन है।आश्रम की महंत सुश्री श्यामदासी जी महाराज ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि अपने आशीर्वाद और तप से शिष्य के जीवन को दिव्यता से भर देते हैं। गुरु की आज्ञा का पालन करना ही सच्ची गुरु भक्ति है।श्री प्रवेश दास जी महाराज ने कहा कि गुरु की महिमा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। गुरु की कृपा से ही भक्ति, सेवा और वैराग्य का भाव जागृत होता है तथा जीवन सफल बनता है।स्वामी मुनिस दास जी महाराज ने कहा कि गुरु ही जीव को ईश्वर से जोड़ने वाली दिव्य कड़ी हैं। गुरु के बताए हुए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर महंत संम्भूदास जी महाराज, महंत बिहारी शरण महाराज, स्वामी हरिदास महाराज, महंत सूरजदास महाराज, महंत दुर्गादास महाराज, महंत प्रह्लाददास महाराज, स्वामी अंकित शरण महाराज, धनेश्वर दास महाराज सरयू दास महाराज कोतवाल रामदास महाराज, कोतवाल श्यामगिरि महाराज, श्री अरुण शरण, बहन पायल देवी, बहन प्रवेश देवी, रजत रघुवीर सहित बड़ी संख्या में संत-महापुरुष एवं श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे। तथा गुरु वंदना की

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