गुरु ही हैं जीवन के सच्चे मार्गदर्शक, गुरु कृपा से ही मिलता है ईश्वर का सान्निध्य हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध स्वतः मुनि आश्रम में साक्षात परमात्मा स्वरूप, प्रातः स्मरणीय महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी सुरेश मुनि जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा अमृत का रसपान कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं। कथा स्थल पर भक्तजन संत महापुरुषों के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की सरिता में गोते लगाकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। इस अवसर पर स्वामी महंत नरोत्तम दास जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु सबसे बड़ी निधि हैं। गुरु के समान न तो कोई हितैषी है और न ही कोई सच्चा मार्गदर्शक। गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं तथा जीव को ईश्वर से मिलाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा से ही मनुष्य का जीवन सफल और सार्थक बनता है। स्वामी जी ने कहा कि संसार रूपी भवसागर को पार करने के लिए गुरु ही सशक्त पतवार हैं। गुरु का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में सद्गुणों का विकास करता है और उसे धर्म, सत्य तथा सेवा के मार्ग पर अग्रसर करता है। संत महापुरुषों का सान्निध्य और सत्संग मनुष्य के अंतःकरण को निर्मल बनाकर उसे प्रभु भक्ति की ओर प्रेरित करता है। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर भगवान की महिमा का श्रवण कर रहे हैं। आश्रम का वातावरण भजन, कीर्तन और सत्संग से पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं ने संत महापुरुषों का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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