पतंजलि योगपीठ में मनाया गया “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व
वैदिक मंत्रों व यज्ञ की ऋचाओं के साथ मनाया गया "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

*• सोमनाथ मंदिर भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक तथा आत्मगौरव का उत्सव : प्रो. अनिल*
*• आयोजन के लिए पतंजलि के चयन पर गर्व : डॉ. गिरीश के.जे.*
हरिद्वार, 12 मई। वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंदपतंजलि योगपीठ के बैनर तले तथा पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के तत्वावधान में सोमवार को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के इतिहास का प्रतीक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” वैदिक मंत्रों व यज्ञ की ऋचाओं के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्यगण, विद्यार्थी, पतंजलि परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा पतंजलि योगपीठ से जुड़े साधक व कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम शोभायात्रा, रुद्राभिषेक, महामृत्युञ्जय मंत्र व यज्ञ किया गया। इस अवसर पर पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. अनिल कुमार ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक तथा आत्मगौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह पर्व देश की आस्था का केंद्र बिन्दु है। उप प्रधानाचार्य डॉ. गिरीश के.जे. ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1026 CE में सोमनाथ मन्दिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 एवं मन्दिर के पुनरुद्धार को 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों एवं धार्मिक स्थलों पर किया जा रहा है जिसमें पतंजलि योगपीठ को विशेष रूप से चयनीत किया गया है, इसके लिए हम गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं। कार्यक्रम में पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज में अध्ययनरत बीएएमएस की छात्राओं वर्णिका व उत्कर्षिनी ने सोमनाथ मंदिर के विषय में जानकारी देते हुए इस कार्यक्रम के आयोजन का महत्व बताया। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के उप निदेशक श्री आशीष कुमार तथा उनके विभागीय अधिकारी श्री सुशील नौटियाल, श्री मनोज जखमौला, श्री गणेश पाण्डेय तथा श्री सुरेन्द्र उपस्थित रहे। पतंजलि की ओर से स्वामी विकासदेव, डीन- पीजी एकेडमिक्स डॉ. सी.बी. धनराज, डॉ. दयाशंकर, डॉ. अरुण पाण्डेय, डॉ. मनोज भाटी आदि ने भाग लिया। श्री देवदत्त शर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष भूमिका का निर्वहन किया।


