भक्तों की पुकार सुनकर बालाजी भगवान दौड़े चले आते हैं महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद कांगड़ी स्थित प्रसिद्ध श्री बालाजी धाम में आज भगवान संकटमोचन कृपा निधान श्री बालाजी भगवान हनुमान जी के अवतरण दिवस का पावन उत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर प्रातः स्मरणीय राष्ट्र संत महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भक्तों को दिव्य प्रवचन प्रदान करते हुए कहा कि भगवान हनुमान जी इस पृथ्वी लोक पर ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों की सच्ची पुकार सुनते ही उनके कष्टों को दूर करने के लिए तुरंत दौड़े चले आते हैं। वे केवल बल, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक ही नहीं, बल्कि संकट की हर घड़ी में अपने भक्तों के सबसे बड़े रक्षक और सहायक भी हैं। स्वामी जी महाराज ने कहा कि बालाजी भगवान की कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। जिस हृदय में सच्ची श्रद्धा, विश्वास और निष्कपट भक्ति होती है, वहां स्वयं पवनपुत्र हनुमान जी निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान जी का स्मरण मात्र से भय, रोग, शोक, बाधाएं और जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। कलियुग में हनुमान जी को जागृत देव के रूप में पूजा जाता है, क्योंकि वे आज भी अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भगवान बालाजी का अवतरण दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह हम सभी के लिए धर्म, सेवा, समर्पण और निष्ठा का संदेश देने वाला पावन पर्व है। हनुमान जी का जीवन हमें सिखाता है कि गुरु, प्रभु और धर्म के प्रति पूर्ण समर्पण ही जीवन को सफल बनाता है। उनके आदर्शों पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को उज्ज्वल और सार्थक बना सकता है। इस पावन अवसर पर स्वामी प्रबोधानंद जी महाराज ने समस्त देशवासियों, संत महापुरुषों और श्रद्धालु भक्तों को भगवान बालाजी के अवतरण दिवस की अनंत शुभकामनाएं देते हुए मंगलकामना की कि भगवान हनुमान जी की कृपा सभी पर बनी रहे, सभी के जीवन से संकट दूर हों और सुख, शांति, समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति का प्रकाश हर घर में फैले। मंदिर परिसर जय श्री राम और जय बजरंगबली के गगनभेदी जयघोषों से गूंज उठा तथा भक्तजन भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।


