गुरुजनों की पावन स्मृतियां हमें आत्मज्ञान का बोध कराती हैं महंत स्वामी मुकेशानन्द महाराज


हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) भूपतवाला त्यागी गली स्थित सुनहरी आश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट में परम पूज्य गुरुदेव की पावन स्मृतियों में 34 वी पुण्य तिथि के अवसर पर बोलते हुए आश्रम के महंत स्वामी मुकेशानन्द जी महाराज ने कहा गुरुजनों की पावन स्मृतियां हमें आत्मज्ञान का बोध कराती है इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानन्द महाराज ने कहा संत संपूर्ण समाज का मार्गदर्शक होता है संत जो भी धर्म कर्म करते हैं उसमें जगत कल्याण की भावना निहित होती है सतगुरु देव ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 माता सुनहरी बाई जी महाराज की तृतीय पावन स्मृति में इस संत समागम का आयोजन किया गया इस अवसर पर बोलते हुए कथा व्यास महंत सुनील कैलाशी महाराज ने कहा इस मानव जीवन को सार्थक करने के लिए ज्ञान सर्वोपरि है और ज्ञान हमें गुरुजनों के श्री चरणों से प्राप्त होता है सतगुरु तारणहार है सतगुरु ही मेरे राम सतगुरु के चरणों में बसते देखो चारों धाम चारों धाम तीर्थ यात्री दर्शन कर अपना जीवन सार्थक करने के लिए जाते हैं किंतु चारों धाम के द्वारा हरि के द्वार में उन्हें संत महापुरुषों के पावन दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है और गुरु चरणों की रज से होते हुए उनके चारों धाम की यात्रा सफल होती है गंगोत्री यमुनोत्री बद्रीनाथ केदारनाथ धाम की यात्रा कर गुरु जनों के ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान कर भक्त अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ करते हैं आश्रम में गुरुजनों के पावन सानिध्य में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का श्रवण कर भक्त जनों ने अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ किया इस अवसर पर महंत मुकेशानंद महाराज महंत प्रेमानंद महाराज महंत रवि देव महाराज महंत सुरेश मुनि महाराज महंत सूरज दास महाराज महंत सूर्य देव आचार्य महंत महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद महाराज महामंडलेश्वर गंगादास महाराज महंत स्तुति चांद मुनि महाराज स्वामी प्रमोद दास महाराज स्वामी कृष्णानंद महाराज कथा व्यास महंत सुनील कैलाशी महाराज महंत वीरेंद्र स्वरूप महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज श्याम गिरी महाराज श्री वेद प्रकाश दिल्ली से परम सेवा भावी भक्त बादली जी जींद से आई हुई है उन्होंने कहा हमारे पूर्व जन्मों का प्रतिफल है कि हमें इस पावन नगरी में गुरुजनों की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है सभी संत महापुरुषों ने ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 स्वामी चेतनानंद जी महाराज को भी भावपूर्ण नमन किया इस अवसर पर आयोजित भंडारे में सभी ने भोजन प्रसाद ग्रहण के किया




