सरकारी धन के दुरुपयोग की पटकथा की कहानी एक बरसात ने खोल कर रख दी हरिद्वार


हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद)तथा( परवीन कश्यप )मनसा देवी हिल बाईपास रोड पर बनाई गई पुलिया तथा रोड काम चलाऊ काम करने पर एक बारिश भी नहीं झेल पाई करोड़ों रुपए की लागत से होने वाले निर्माण ऐसा लग रहा है जैसे खाना पूर्ति के लिए किये जा रहे हो और सरकारी धन की बंदर बाट की जा रही हो, ज्ञात होकी जहां कुछ महा पूर्व आकाशीय बिजली गिरने से पहाड़ की एक बड़ी चट्टान टूट कर बिखर गई थी मां मनसा देवी हिल बाईपास रोड पर तथा उसके आसपास के इलाके में गिरते मलवे, तथा धरकते पहाड़, का ट्रीटमेंट किये बिना, वहा बिना मानक पूरा किये सड़क बनाने से एक बारिश भी सड़क नहीं झेल पाई और बीच में से फट गई कई जगह धरक गई, तथा धस गई, वही बिना किसी सूझबूझ तथा बरसाती नाली में आने वाले पानी का जायजा लिए या परीक्षण किये, पानी निकासी मार्ग छोटा रखने से बनाई गई पुलिया तथा वहां भूमि को बिना ठोस किये, कट्टो में मिट्टी भरकर लीपा पोती के लिए पुलिया तथा सड़क बनाने का राज एक मामूली सी बारिश ने खोल कर रख दिया करोड़ों रुपए की लागत से बनी सड़क तथा पुलिया एक बारिश भी नहीं झेल पाई और बरसाती नाले के पानी का बहाव एक ही झटके में नवनिर्मित पुलिया को उखाड़ कर तथा उसकी सेफ्टी के लिए बनाई गई सड़क के किनारे मोटी बाउंड्री सीमेंटेड, जो आपके दोनों हाथों में भी ना आप आए ऐसे विशाल पिलरों को भी पुलिया के ऊपर से उखाड़ दिया पुलिया के नीचे निकासी मार्ग में जो हुआ सो हुआ किंतु पुलिया के ऊपर लगे विशालकाय पिलर तक उखाड़ दिए एक मामूली सी बरसात के पानी ने यानी के नवनिर्मित निर्माण की सारी पटकथा तथा भ्रष्टाचार की पोल एक मामूली सी बरसात ने खोलकर रख दी आखिर कौन है सरकारी धन का इस प्रकार दुरुपयोग करने के लिए जिम्मेदार किसने किया परीक्षण और किसने परखी की गुणवत्ता इस प्रकार के निर्माण कार्य सरकारी धन का दुरुपयोग होने के साथ-साथ एक, सोची समझी कहानी की पटकथा दिखाते हैं इतना ही नहीं हमारे समाज सेवी संगठन हमारी राजनीतिक पार्टियों और हमारी मीडिया भी ऐसे प्रश्नों पर क्यों मौन हो जाती है, क्या उन्हें नहीं दिखी यह सरकारी धन के दुरुपयोग की पटकथा


