सच्ची श्रद्धा और प्रेम से ही संभव है प्रभु राम की प्राप्ति: श्री महंत रघुवीर दास महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजमनोजानंद।धर्मनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में अध्यात्म और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। आश्रम के पूज्य श्री महंत प्रातः स्मरणीय रघुवीर दास महाराज ने उपस्थित भक्तजनों को संबोधित करते हुए ज्ञान की गंगा प्रवाहित की। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्गारों में स्पष्ट किया कि भगवान राम किसी आडंबर या दिखावे से नहीं, बल्कि केवल निर्मल मन, सच्ची श्रद्धा और अनन्य प्रेम से ही प्राप्त किए जा सकते हैं। प्रेम ही भक्ति का मूल आधार भक्तों को ज्ञान का मार्ग दिखाते हुए महाराज जी ने कहा कि प्रभु श्री राम प्रेम के भूखे हैं। उन्होंने शबरी के जूठे बेरों और केवट के निश्छल प्रेम का उदाहरण देते हुए समझाया कि भगवान ने कभी जाति, कुल या धन को महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा:”प्रभु व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम तें प्रगट होहिं मैं जाना।”अर्थात् परमात्मा सर्वत्र व्याप्त हैं, लेकिन उन्हें केवल प्रेम के माध्यम से ही प्रकट किया जा सकता है।कलयुग में नाम संकीर्तन की महिमा श्री महंत रघुवीर दास महाराज जी ने जोर देकर कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक शांति और ईश्वरीय सानिध्य पाने का सबसे सरल मार्ग ‘राम नाम’ का जप है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक कार्यों को करते हुए भी प्रभु का स्मरण बनाए रखें। उनके अनुसार, जब भक्त का हृदय करुणा और भक्ति से भर जाता है, तो राम जी स्वयं उसे राह दिखाते हैं। आश्रम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में आयोजित इस सत्संग के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा। महाराज जी के श्रीमुख से निकल रही ज्ञान की अमृत वाणी को सुनने के लिए दूर-दराज से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रवचन के समापन पर उपस्थित भक्तों ने गुरुदेव का आशीर्वाद लिया और सामूहिक भजन-कीर्तन में भाग लिया।  स्थान: श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़ा, हरिद्वार।  वक्ता:श्री महंत रघुवीर दास महाराज। मुख्य संदेश:दिखावे से ऊपर उठकर सच्ची भक्ति अपनाएं।

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