माता सीता जयंती पर महंत दुर्गादास जी महाराज ने किया भगवान राम की अनंत भक्ति का महिमा वर्णन हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद भूपतवालामाता सीता जयंती के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री महंत दुर्गादास जी महाराज ने भक्तजनों के मध्य भगवान श्रीराम एवं माता सीता की अनंत महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जिसके मन में भगवान राम का वास हो जाता है, उसके तन-मन का प्रत्येक रोम रोमभगवान राम के नाम और भक्ति में रमा रहता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की सच्ची भक्ति जिस साधक को प्राप्त हो जाती है, उसका मानव जीवन धन्य, पवित्र और सार्थक बन जाता है।महंत श्री दुर्गादास महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि भगवान राम का नाम यद्यपि ढाई अक्षरों का है, किन्तु इस छोटे से नाम में संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति समाहित है। राम नाम केवल उच्चारण मात्र नहीं, बल्कि यह जीवन को मोक्ष की और ले जाने वाला दिव्य मंत्र है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम समस्त सृष्टि के स्वामी हैं और माता सीता त्याग, मर्यादा, तपस्या तथा पवित्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं।उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में भगवान राम और माता सीता की भक्ति बस जाती है, वह सांसारिक मोह-माया, लोभ, अहंकार और बंधनों से मुक्त होकर अपने जीवन को सफल बना लेता है। भगवान की शरणागति ही मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा आधार है और यही जीवन का परम लक्ष्य भी है।सभा में उपस्थित श्रद्धालु भक्तों ने राम नाम का संकीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। माता सीता जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और माता जानकी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सुख, शांति और कल्याण की कामना की। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे और सभी ने गुरु महाराज के श्रीमुख से निकले दिव्य वचनों का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य माना। इस अवसर पर योगी श्री आशुतोष महाराज ने भी अपने आशीर्वचन कहे


