प्रेम की भक्ति अनंत है महंत मुरारी दास महाराज प्रेम जीवन कल्याण सुधा रस है महंत मस्त गिरी महाराज हरिद्वार
भक्ति पर चर्चा करते हुए सिया कुटी के महंत मुरारी दास महाराज

प्रेम की भक्ति अनंत है महंत मुरारी दास महाराज प्रेम जीवन कल्याण सुधा रस है महंत मस्त गिरी महाराज हरिद्वार 10 अगस्त 2025 (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) प्रेम भक्ति पर चर्चा करते हुए सिया कुटी के महंत मुरारी दास महाराज ने कहा इस सृष्टि के कण कण में भगवान राम का वास भगवान राम मर्यादाओं में रहकर प्रेम भक्ति से संपूर्ण सृष्टि को चकित किया और विनम्रता एवं प्रेम भाव से पिता माता आज्ञा पर राज सुख त्याग कर वन जाना स्वीकार किया उन्हीं के भाई महात्मा भरत ने भाई प्रेम के सामने राज पाठ का मोह छोड़कर अपने बड़े भाई राम की शरण में जाना स्वीकार किया प्रेम से संपूर्ण विश्व को जीता जा सकता है प्रेम से किसी को भी अपना बनाया जा सकता है और प्रेम से भगवान पर भी अपना बस चलाया जा सकता है उन्हें अपना बनाया जा सकता है इस अवसर पर प्रेम की अभिलाषा पर चर्चा करते हुए महंत मस्त गिरी महाराज ने कहा जो कभी प्रेम गली गया ही नहीं जिसने कभी प्रेम का रस पिया ही नहीं वह प्रेम के बारे में भला क्या जाने प्रेम जानना है तो चलिये वृंदावन जहां वृक्ष भी प्रेम रस और भक्ति में डूबे हुए हैं एक दूसरे में समाये हुए हैं अगर प्रेम देखना है तो गोकुल की गलियों में चलीये जहां आज भी हजारों राधा और कृष्ण सखियां भक्ति रंग में डूबी हुई है भक्ति की डोर सीधे ईश्वर से बंधी होती है भक्ति रस का प्याला समझकर मीराबाई जहर का प्याला पी गई और उनके कान्हा ने उसे प्रेम का प्याला बना दिया उन्होंने गली-गली मोहल्ले मोहल्ले घूम घूम कर कृष्ण प्रेम के गीत गाये प्रेम से ईश्वर तक पहुंचा जा सकता है प्रेम अनंत है इसके स्वरूप अनंत हैं इसके बूते पर आप संपूर्ण जगत को जीत सकते हैं जिसनें प्रेम की भक्ति का रस पिया है उसे कोई और रस पीने की आवश्यकता नहीं है प्रेम की भक्ति की आवाज सीधे ईश्वर तक पहुंचती है



