हनुमान जयंती पर भजन संध्या का आयोजन हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद श्रवणनाथ नगर स्थित बाबा तहलदास भवन श्री राधा कृष्ण मंदिर में भगवान श्री हनुमान जी के पावन अवतरण दिवस के शुभ अवसर पर भव्य भजन संध्या एवं जयंती महोत्सव बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक सजावट से अत्यंत सुंदर रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय दिखाई दे रहा था। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्तगण एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सभी ने श्रद्धापूर्वक भगवान बजरंगबली के श्रीचरणों में अपनी आस्था अर्पित की। कार्यक्रम पंडित राकेश उपाध्याय शास्त्री जी के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। भजन संध्या के दौरान भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत मधुर और भक्तिरस से ओतप्रोत भजनों ने पूरे मंदिर परिसर को भक्ति की सरिता में प्रवाहित कर दिया। “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर” तथा “संकट मोचन नाम तिहारो” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरे वातावरण में जय श्री राम तथा जय बजरंगबली के उद्घोष गूंजते रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित राकेश उपाध्याय शास्त्री जी ने कहा कि भगवान बजरंगबली केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक ही नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति, समर्पण, सेवा और निष्ठा के भी सर्वोच्च आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि जो भी भक्त सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ हनुमान जी की आराधना करता है, उसके जीवन से सभी संकट, कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं। भगवान की कृपा से उसके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उन्नति का वास होता है। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान जी अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं और संकट के समय उनकी सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। वे कलियुग के ऐसे देवता हैं जो आज भी अपने भक्तों पर अनंत कृपा बरसाते हैं। उनकी कृपा से मनुष्य के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जयंती महोत्सव के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। सभी भक्तों ने बड़े प्रेम और श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया तथा भगवान हनुमान जी से अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरा कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण, भजनों की मधुर ध्वनि और जयकारों के बीच अत्यंत भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



