ब्रह्मपुरी स्थित श्री वशिष्ठ दूधाधारी सप्तऋषि आश्रम में आज एकादशी के पावन अवसर पर अत्यंत भक्ति एवं आध्यात्मिकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुरमनोजानंद पावन क्षेत्र ब्रह्मपुरी स्थित श्री वशिष्ठ दूधाधारी सप्तऋषि आश्रम में आज एकादशी के पावन अवसर पर अत्यंत भक्ति एवं आध्यात्मिकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातः स्मरणीय श्री महंत जयरामदास जी महाराज के पवित्र सानिध्य में भजन मंडली द्वारा मधुर संगीत के साथ सुंदरकांड का पाठ एवं भावपूर्ण भजन संध्या प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।कार्यक्रम के दौरान महंत जय रामदास जी महाराज ने सुंदरकांड की अत्यंत सरल, भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि सुंदरकांड केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन के संकटों को पार करने की प्रेरणा है। हनुमान जी की भक्ति, साहस और समर्पण हमें यह सिखाते हैं कि सच्चे मन से किए गए प्रयास और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। उनके विचारों ने श्रद्धालुओं के हृदय में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भजन मंडली की मधुर प्रस्तुतियों और संतों के प्रेरणादायक विचारों ने इस आयोजन को और भी दिव्य एवं स्मरणीय बना दिया। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रभु स्मरण कर अपने जीवन में धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।



