हरिद्वार की पावन धरा ने समय-समय पर ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने समाज को नई दिशा दी है।

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पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में ठाकुर मनोज सिंह ‘मनोजानंद’ एक ऐसा ही प्रतिष्ठित नाम है। उनका जीवन संघर्ष, साहस और सत्य के प्रति अडिग रहने की एक जीवंत गाथा है।
यहाँ उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित एक विशेष लेख है:
ठाकुर मनोज मनोजानंद: निष्पक्ष पत्रकारिता और अटूट संघर्ष के पर्याय
हरिद्वार के पत्रकारिता जगत में ठाकुर मनोज मनोजानंद का नाम केवल एक पद का मोहताज नहीं, बल्कि एक संस्था के रूप में जाना जाता है। ‘स्वदेश सुखद संदेश’ समाचार पत्र के स्वामी और संपादक के रूप में उन्होंने पत्रकारिता के उन मूल्यों को जीवित रखा है, जो आज के दौर में विरल होते जा रहे हैं।
पत्रकारिता का लंबा सफर (1990 से वर्तमान)
सन 1990 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय मनोजानंद जी ने तीन दशकों से अधिक समय से अपनी कलम की धार को कम नहीं होने दिया। उनकी पत्रकारिता की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निष्पक्षता और निर्भीकता रही है। सत्ता के गलियारों से लेकर जमीन की समस्याओं तक, उन्होंने हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखा। उनके संपादन में ‘स्वदेश सुखद संदेश’ ने आम आदमी की आवाज बनने का कार्य किया है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन और बलिदान
ठाकुर मनोज मनोजानंद केवल कलम के सिपाही ही नहीं, बल्कि एक सच्चे राष्ट्रभक्त भी हैं। उत्तराखंड राज्य प्राप्ति हेतु चले जनांदोलन में उन्होंने एक सक्रिय आंदोलनकारी के रूप में अहम भूमिका निभाई।
* रामपुर तिराहा कांड: पृथक राज्य की मांग को लेकर जब आंदोलनकारी दिल्ली कूच कर रहे थे, तब मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। इस ऐतिहासिक संघर्ष में वे गंभीर रूप से घायल भी हुए, लेकिन राज्य प्राप्ति का उनका संकल्प कभी नहीं डिगा। उनके जैसे वीर आंदोलनकारियों के बलिदान का ही प्रतिफल है कि आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में फल-फूल रहा है।
नेतृत्व और संगठन क्षमता
वर्तमान में, हरिद्वार के पत्रकारिता जगत ने उनकी वरिष्ठता और अनुभव पर विश्वास जताते हुए उन्हें नवगठित सिटी प्रेस क्लब का अध्यक्ष चुना है। उनके नेतृत्व में प्रेस क्लब न केवल पत्रकारों के हितों की रक्षा कर रहा है, बल्कि पत्रकारिता के गिरते स्तर को सुधारने और नए पत्रकारों को मार्गदर्शन देने का कार्य भी कर रहा है।
> “पत्रकारिता मेरे लिए पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक उत्तरदायित्व है। जब तक कलम में स्याही है, सच का साथ नहीं छूटेगा।” — ठाकुर मनोज मनोजानंद
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व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताएँ:
* अनुभव: 35 वर्षों का दीर्घकालीन पत्रकारिता अनुभव।
* साहस: राज्य आंदोलन के दौरान लाठियां और चलतीगोलियां देख कर भी पीछे न हटना।
* प्रतिबद्धता: ‘स्वदेश सुखद संदेश’ के माध्यम से निरंतर जनसेवा।
* नेतृत्व: सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष के रूप में पत्रकारों का कुशल प्रतिनिधित्व।
सिटी प्रेस क्लब की बढ़ती प्रतिष्ठा को सहन नहीं कर पा रहे अन्य संगठन हरिद्वार की पावन धरती पर पत्रकारिता के स्वरूप की बिगड़ती दुर्दशा को देखकर सन 1990 से पत्रकारिता जगत में निर्भीक निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे देश के वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोज मनोजानंद तथा वरिष्ठ पत्रकार कमल अग्रवाल ने छोटे मझौल लघु समाचार पत्रों के पत्रकारों को उनके अधिकारों से वंचित करने वाले बड़े संगठनों की तानाशाही से निजात दिलाने हेतु सिटी प्रेस क्लब का गठन अनेकों संपादकों तथा पत्रकारों की सहमति से किया हरिद्वार के अनेको संत महापुरुषों आश्रम संस्थाओं तथा धार्मिक संस्थाओं ने इस सराहनीय कार्य के लिए उनकी टीम का अब तक दर्जनों बार सम्मान किया जो अन्य संगठनों में जलन का विषय बन गया मैं उन सभी सम्मानित संगठनों के पदाधिकारी से आग्रह करता हूं कि जलन की भावना छोड़कर निष्पक्ष पत्रकारिता करें पत्रकारिता कोई व्यवसाय नहीं मिशन है और यह पत्रकारिता जगत किसी की संपत्ति नहीं अगर कोई संगठन छोटे मझौल समाचार पत्रों का शोषण करेगा उनके अधिकारों का हनन करेगा चंद लोग मिलकर सारे पत्रकारिता जगत का अधिकार हड़पने का प्रयास करेगा तो यह सहन नहीं किया जाएगा हम पत्रकारिता जगत में निष्पक्ष पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करेंगे हमारी निस्वार्थ सेवा से दूसरे संगठन जो अब तक अपने स्वार्थ की रोटियां सेक रहे थे तीलमिल चुके हैं



