हरिद्वार भेलवन क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्धमाता सुरेश्वरी देवी मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

 हरिद्वार  इस अवसर पर बोलते हैं उत्तराखंड पंजाबी महासभा के अध्यक्ष श्री नारायण अहूजा ने कहा शक्ति, करुणा और संरक्षण की देवी माना जाता है। वे माँ दुर्गा का ही एक दिव्य स्वरूप हैं, जो अपने भक्तों की हर विपत्ति से रक्षा करती हैं। माता सुरेश्वरी का नाम आते ही मन में श्रद्धा, विश्वास और आत्मबल की भावना जागृत हो जाती है। कहा जाता है कि जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहाँ माता सुरेश्वरी अवश्य विराजमान होती हैं।

श्री अनिल बीज ने कहामाता सुरेश्वरी की महिमा अनंत है। वे अपने भक्तों के दुख हरने वाली और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करने वाली देवी हैं। जो भक्त सच्चे मन से माता का स्मरण करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। माता अपने बच्चों की तरह अपने भक्तों का पालन करती हैं और उन्हें सही मार्ग दिखाती हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए सरदार अमरीक सिंह भट्टी ने कहाधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सुरेश्वरी अधर्म, अन्याय और अहंकार का नाश करने वाली देवी हैं। जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब माता शक्ति रूप में प्रकट होकर धर्म की रक्षा करती हैं। उनके स्वरूप में साहस, त्याग और करुणा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

श्री जय अरोड़ा ने कहामाता सुरेश्वरी की पूजा से मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भक्तों का विश्वास है कि माता की कृपा से असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं और जीवन की कठिन से कठिन समस्याएँ सरल हो जाती हैं। माता का नाम लेने मात्र से ही भय दूर हो जाता है और मन को शांति मिलती है।

नवरात्रि और विशेष पर्वों पर माता सुरेश्वरी की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से की जाती है। इन दिनों भक्त व्रत रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और माता से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। माता की भक्ति हमें सिखाती है कि सच्चाई, प्रेम और धैर्य के मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाया जा सकता है।

श्री विक्की बाली ने कहा माता सुरेश्वरी केवल एक देवी ही नहीं, बल्कि शक्ति और विश्वास का प्रतीक हैं। उनकी महिमा का वर्णन शब्दों में करना कठिन है। जो भी भक्त सच्चे मन से माता की आराधना करता है, उसके जीवन में कभी अंधकार नहीं रहता। माता सुरेश्वरी सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें, यही कामना है इस अवसर पर माता के दरबार में हजारों की संख्या में भक्तजन श्रद्धालु दर्शन हेतु पधारे हुए थे पंजाबी महासभा द्वारा चलाए गए भंडारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया

 

Related Articles

Back to top button