जिसके मस्तिष्क एवम हृदय में भगवान राम बसे हो उसका सदैव मंगल ही मंगल होता है

श्री श्री आनंदमयी साधना मां हरिद्वार

हरिद्वार(वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) दक्ष रोड कनखल स्थित माधव आश्रम श्री श्री आनंदमयी कविता मां आश्रम में भक्तजनों के बीच ज्ञान की अमृत गंगा बहाते हुए श्री श्री आनंदमयी साधना मां ने कहा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम जिसके हृदय में और मस्तिष्क में बसे हो उसका सदैव कल्याण ही कल्याण है इसलिये राम का नाम अपनी निजी जीवन शैली में लाये आपसी व्यवहार में राम राम जी जय सियाराम जी जय जय राम जी का उद्बोधन कर कर एक दूसरे को संबोधन करें इसमें साथ-साथ राम का भजन भी होता रहेगा और एक दूसरे का संबोधन एवं सम्मान भी होता रहेगा राम से बडी राम नाम की महिमा है जो राम नाम की महिमा का गुणगान करेगा वह इस पृथ्वी लोक पर भय तथा भ्रष्टाचार मुक्त सदगुण पूर्ण जीवन को जीते हुए इस लोक से चले जाने के बाद भवसागर पार हो जायेगा जब आप भवसागर के किनारे पहुंचेंगे तो राम नाम की नैया आपको भवसागर पार करायेगी

Related Articles

Back to top button