माता की आराधना तन और मन को पावन करने के साथ-साथ जीवन को सार्थक कर देती है श्री महंत रघुवीर दास महाराज हरिद्वार

 हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद ) श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए आश्रम के श्री महंत परम पूज्य रघुवीर दास महाराज ने कहा नवरात्र महापर्व भक्ति एवम उपासना का पावन पर्व है माता के नौ स्वरूपों की आराधना जो भक्त सच्चे मन से करता है उसका तन और मन दोनों पावन हो जाते हैं घर में धन-धान्य की वर्षा होती है और उसके जीवन को सार्थकता की प्राप्ति होती है नवरात्रि महापर्व भक्ति एवं आस्था का पावन पर्व है जिसमें घर-घर में माता की आराधना की गूंज सुनाई देती है देवी देवताओं की आराधना जीवन की सार्थकता के रूप में फली भूत होती है और यह भक्ति भगवान श्री राम के नाम से ही प्राप्त होती है जिसके हृदय में जिसके मन में राम का वास होता है उसके हृदय में भक्ति खुद समाहित हो जाती है

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