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श्री श्याम बैकुंठ धाम के श्री महंत श्यामसुंदर दास जी महाराज के श्री मुख से उद्गार करते हुए
ईश्वर सभी को उसके अनुरूप प्रवृत्ति प्रदान करते हैं जिस प्रकार बिच्छू की डंक मारने की प्रवृत्ति होती है इसी प्रकार एक मनुष्य की एक साधक की एक अच्छे इंसान की यह प्रवृत्ति होती है की उसे मालूम है की नदी में बहते बिच्छू को बचाने पर वह डंक मारेगा किंतु उसे बचाना उसकी प्रवृत्ति में है श्री महंत श्यामसुंदर महाराज पीठाधीश्वर श्याम वैकुंठ धाम श्यामपुर हरिद्वार विशेष रिपोर्टिंग देश के क्रांतिकारी प्रबुद्ध पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद कैमरामैन परवीन कश्यप के साथ


