भगवान श्रीराम का भजन मानव जीवन की अमूल्य निधि : महंत मुरारी दास महाराज हरिद्वार

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंदभगवान श्रीराम का भजन मनुष्य जीवन की सबसे बहुमूल्य निधि है। यह ऐसा दिव्य धन है, जिसे प्राप्त कर लेने के बाद जीवन धन्य हो जाता है। श्रीराम नाम केवल उच्चारण मात्र नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, मन की शांति और जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम साधन है। यह विचार सिया कुटी के महंत मुरारी दास महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संसार के सभी भौतिक सुख क्षणभंगुर हैं, किन्तु प्रभु श्रीराम का नाम शाश्वत आनंद देने वाला है। जिस हृदय में राम बसते हैं, वहां भय, चिंता, दुःख और मोह टिक नहीं सकते। श्रीराम का स्मरण मनुष्य को सत्य, धर्म, मर्यादा और करुणा के मार्ग पर अग्रसर करता है।महंत श्री ने कहा कि मानव जीवन बड़े पुण्यों के फलस्वरूप प्राप्त होता है और इसका वास्तविक उद्देश्य प्रभु भक्ति में लगकर अपने जीवन को सफल बनाना है। श्रीराम का भजन मनुष्य को भवसागर से पार कराने वाली नौका है। कलियुग में राम नाम ही सबसे सरल, सहज और प्रभावी साधन है, जिससे ईश्वर की कृपा सहज प्राप्त होती है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि जीवन की व्यस्तताओं के बीच प्रतिदिन कुछ समय प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित करें, क्योंकि वही समय जीवन का वास्तविक संचित धन बनता है। राम नाम का स्मरण केवल इस लोक में ही नहीं, बल्कि परलोक में भी कल्याणकारी सिद्ध होता है। सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुजन भक्ति रस में सराबोर होकर श्रीराम नाम के संकीर्तन में लीन रहे तथा वातावरण राममय हो उठा। संतों ने भी श्रीराम भक्ति की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जहां राम नाम का वास होता है, वहां स्वयं परमात्मा का निवास होता है।


