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हरिद्वार 22 नवंबर 2025 को रानीपुर मोड़ स्थित श्री कृष्णा आश्रम में वैष्णव संप्रदाय के अंतर्गत आने वाले चारों संप्रदाय के श्री महंत अनंत विभूषित प्रातः स्मरणीय हनुमान दास जी महाराज का संत महापुरुषों ने बड़े ही दिव्या भव्य तरीके से हरिद्वार पधारने पर स्वागत अभिनंदन किया इस अवसर पर स्वागत करने वालों में अनंत विभूषित प्रातः स्मरणीय श्री महंत परम वंदनीय रघुवीर दास जी महाराजभगवान कृष्णा आश्रम के महंतश श्री बिहारी शरण महाराज स्वामी अंकित शरण महाराज महंत हरेंद्र दास महाराज महंत जयरामदास महाराज महंत सूरज दास महाराज महंत गोविंद दास महाराज पंडित गौतम मिश्रा आशु शंखधर बदायूं जिले के ब्लॉक प्रमुख श्री हरवंत पहलवान इस अवसर पर बोलते हुए गुरु भगवान श्री महंत हनुमान दास महाराज ने कहा भगवान श्रीराम : सृष्टि के कण-कण में व्याप्त दिव्य उपस्थितिभारतीय संस्कृति में भगवान श्री राम को मर्यादा, सत्य, करुणा और धर्म का परम प्रतीक माना गया है। ऐसा विश्वास है कि श्री राम केवल इतिहास के किसी पात्र का नाम नहीं, बल्कि वह चेतना हैं जो इस सम्पूर्ण सृष्टि के कण-कण में विद्यमान है।जब हम कहते हैं कि “भगवान श्री राम सृष्टि के कान-कान में व्याप्त हैं”, तो इसका अर्थ केवल एक धार्मिक भावना नहीं, बल्कि जीवन की गहराई में छिपी एक आध्यात्मिक अनुभूति है। यह संकेत देता है कि परमात्मा हर वस्तु में, हर दिशा में, हर जीव में और हर श्वास में उपस्थित हैं — बस हमें अनुभव करने की दृष्टि चाहिए।

प्रकृति में श्री राम का अनुभवसुबह की पहली किरण, हवा कीहल्की-सी लहर, पत्तों की सरसराहट, नदी का मीठा प्रवाह — इन सबमें किसी अदृश्य शक्ति का स्पर्श महसूस होता है। वही शक्ति “राम” कहलाती है। राम वह ऊर्जा हैं जो संसार को चलाती है, जो हर जीव को जीवन देती है और जो प्रकृति को संतुलित रखती है। इस अवसर पर बोलते हुए प्रातः स्मरणीय श्री महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा तुझ में राम मुझ में राम फिर इधर-उधर क्यों ढूंढे राम

मन में विराजमान रामजब मन शांत होता है, भीतर एक मधुर प्रकाश-सा खिल उठता है। यही ‘राम-त्व’ है — वह पवित्र भाव जो इंसान को सही रास्ता दिखाता है, गलत से रोकता है और दूसरों के प्रति प्रेम व करुणा जगाता है।

हमारे विचारों में जब सत्य और धर्म का भाव रहता है, तो समझिए कि राम हमारे साथ हैं। भगवान की उपस्थिति किसी मंदिर या मूर्ति तक सीमित नहीं; वह हमारी हर अच्छाई में बसती है।जीवन के प्रत्येक क्षण में राम का मार्गदर्शनकठिनाइयों में धैर्य, संघर्ष में साहस, और सफलता में विनम्रता ये सब श्री राम के गुण हैं। जब हम इन गुणों को अपने जीवन में उतारते हैं, तो हम स्वयं भगवान राम की उपस्थिति को जीने लगते हैं।यह मान्यता हमें सिखाती है कि हम कभी अकेले नहीं हैं; हर परिस्थिति में एक दिव्य शक्ति हमारा मार्गदर्शन कर रही है।सृष्टि के कण-कण में राम की उपस्थिति हमें यह याद दिलाती है कि जीवन केवल भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक यात्रा भी है। भगवान श्री राम हर जगह हैं —जहाँ प्रेम है, सत्य है, मर्यादा है, दया है, वहाँ राम हैं।और जब मन इन भावों से भर जाता है, तब पूरा संसार राममय हो उठता है।

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