हरिद्वार ( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद )खड़खड़ी स्थित श्री जगदीश आश्रम में परम पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन श्री शांतानन्द जी महाराज की पावन स्मृति में आश्रम में एक विशाल संत समागम तथा विशाल भंडारे का आयोजित किया गया संत समागम को संबोधित करते हुए आश्रम के श्री महंत परम पूज्य स्वामी योगेंद्रानन्द महाराज ने कहा परम पूज्य ब्रह्मलीन गुरुदेव 1008 श्री महंत शांतानन्द जी महाराज ज्ञान का एक विशाल सागर उनके ज्ञान का प्रताप आज भी शिक्षा के गुरुकुल के रूप में आश्रम से देश के कोने-कोने में प्रवाहित हो रहा है यहां विद्यार्थी शिक्षा लेकर देश के कोने-कोने में सनातन की पताका फहरा रहे हैं तथा धर्म एवम संस्कृति का संदेश दे रहे हैं परम पूज्य गुरुदेव द्वारा स्थापित आश्रम तथा शिक्षा विद्यालय गुरुकुल से आज ज्ञान प्राप्त कर सैकड़ो विद्यार्थी प्रतिवर्ष देश तथा सनातन की सेवा हेतु शिक्षा ग्रहण कर अपना जीवन तो सार्थक कर ही रहे हैं संपूर्ण विश्व में यहां से प्राप्त किए गये ज्ञान के आधार पर धर्म एवमसंस्कृति का संदेश देने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में आध्यात्मिक क्षेत्र में विश्व को ज्ञान की निधि के रूप में सनातन का पाठ पढ़ा रहे हैं यह सब गुरुदेव के ज्ञान का ही प्रताप है उन्हीं का अथक प्रयास है जो गुरुदेव के ज्ञान की सरिता आज संपूर्ण विश्व मे प्रवाहित हो रही है तथा भक्तों में उनके आशीर्वाद के रूप में सुख शांति समृद्धि के रूप में फलीभूत हो रही है कार्यक्रम का संचालन देश के प्रखर विद्वान प्रबुद्ध कथा व्यास श्री महंत रवि देव महाराज ने कहा संत समाज की निधि होते हैं उनका जीवन समाज को समर्पित होता है संत महापुरुषों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्यों में जगत कल्याण की भावना निहित होती है इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानन्द महाराज ने कहा मनुष्य के लिए ज्ञान सर्वोपरि है और ज्ञान की सरिता श्री जगदीश आश्रम खड़खड़ी से बह रही है जिसे ग्रहण कर भक्तों का जीवन धन्य तथा कृतार्थ हो रहा है इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर स्वामी चिद विलासानन्द महाराज ने कहा धर्म कर्म मनुष्य के भाग्य का उदय कर देता है और गुरुजनों से प्राप्त होने वाला ज्ञान मनुष्य के जीवन को सार्थक कर देता है इस अवसर पर महंत दिनेश दास महाराज महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज महंत ज्ञानानंद महाराज स्वामी कृष्ण देव महाराज महंत सूरज दास महाराज महंत नारायण दास पटवारी महाराज महंत विष्णु दास महाराज महंत रघुवीर दास महाराज महामंडलेश्वर अनंतानंद महाराज नागा बाबा गजेंद्र गिरी महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल श्याम गिरी महाराज सहित अनेको संत उपस्थित थे